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Pithoragarh News: जर्जर भवन में पढ़ रहे हैं जीजीआईसी गंगोलीहाट के 175 बच्चे

Tue, 21 May 2024 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 21 May 2024 11:18 PM IST
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175 children of GGIC Gangolihat are studying in a dilapidated building.
गंगोलीहाट जीजीआईसी का जीर्णशीर्ण भवन। संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 175 बच्चे लंबे समय से जर्जर भवन में पढ़ाने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की ओर से नया भवन बनाने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। विद्यालय में लंबे समय से हिंदी, संस्कृत,भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। अभिभावक नया भवन बनाने और शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे हैं। इससे बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे अभिभावकों में नाराजगी है।
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जर्जर भवन के पांच कमरों को विद्यालय प्रबंधन ने पांच वर्ष पहले बंद कर दिया था। सात कक्षाओं के अलग-अलग सेक्शन, प्रधानाचार्य कार्यालय के लिए विद्यालय को 14 कमरों की आवश्यकता है। विद्यालय अभी यह सभी काम छह कमरों में कर रहा है। भवन की दीवारें कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। 2020 में नए भवन का आंगणन तैयार कर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और शासन को भेजा लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
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1975 में बालिका हाईस्कूल की स्थापना हुई थी। वर्ष 1998 में उसका उच्चीकरण कर इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित होने लगीं। तब से लेकर अब तक 2017 में मात्र 18 महीने के लिए प्रधानाचार्य रहीं। शेष वर्षों में प्रभारी प्रधानाचार्य ने ही विद्यालय की व्यवस्थाओं को संचालित किया। प्रवक्ताओं के नौ पद सृजत हैं। इनमें से हिंदी, संस्कृत, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान का पद लंबे समय से खाली पड़ा है। अंग्रेजी और गृह विज्ञान में स्थायी शिक्षिकाएं हैं जबकि इतिहास, जीव विज्ञान और राजनीतिक विज्ञान में अतिथि प्रवक्ता सेवा दे रहे हैं। सामाजिक विज्ञान और हिंदी में सहायक शिक्षिकाओं के पद भी खाली पड़े हैं। विद्यालय में चहारदीवारी नहीं है। देवदार के जंगल के समीप होने से बंदरों का भय हमेशा बना रहता है।
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कोट
नया विद्यालय भवन बनाने के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। शिक्षक मिलने पर नियुक्ति कर दी जाएगी। - एके जुकरिया, सीईओ पिथौरागढ़।
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