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पिथौरागढ़ में बनेगा वाणिज्य संकाय का नया भवन
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पिथौरागढ़। एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय के नए भवन के निर्माण के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। शासन ने भवन निर्माण के लिए प्रथम किश्त के रूप में 1.37 करोड़ रुपया जारी किया है। उत्तराखंड पेयजल निगम भवन निर्माण का कार्य करेगा।
1963 में महाविद्यालय की स्थापना के बाद 1974 में वाणिज्य संकाय खोल बीकॉम की कक्षाएं संचालित की गईं। वर्ष 1978 में एमकॉम की कक्षाओं की संस्तुति दी गई। प्रारंभ में जहां 25-30 विद्यार्थी ही वाणिज्य विषय में अध्ययनरत थे वहीं वर्तमान में संकाय में 550 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। कक्षाओं का संचालन शुरुआत से ही टिन शेड में होता रहा है। छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने और टिनशेड जीर्णशीर्ण होने से नए भवन की मांग लगातार उठ रही थी। वाणिज्य भवन निर्माण के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से वर्ष 1996 से लगातार शासन को पत्र भेजा जा रहा था। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवराज सिंह पांगती ने बताया कि भवन निर्माण के लिए 338.48 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था।
बताया कि पहली किश्त के रूप में 1.37 करोड़ रुपया जारी कर दी गई है। नए भवन के निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति दिलाने के लिए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने काफी प्रयास किए। वाणिज्य विभाग के प्रभारी डॉ. गिरीश चंद्र पंत, डॉ. अभिषेक पंत, डॉ. शांति यार्सो, डॉ. विमल जोशी, डॉ. रचना पाल, कृष्ण सिंह पंचपाल, डॉ. बीएम पांडेय, डॉ. प्रेमलता पंत, डॉ. सरोज वर्मा, डॉ. हेम चंद्र पांडेय, डॉ. पंकज भट्ट, प्रो. पुष्कर सिंह बिष्ट, शैलेंद्र पांडेय ने खुशी व्यक्त की है।
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1963 में महाविद्यालय की स्थापना के बाद 1974 में वाणिज्य संकाय खोल बीकॉम की कक्षाएं संचालित की गईं। वर्ष 1978 में एमकॉम की कक्षाओं की संस्तुति दी गई। प्रारंभ में जहां 25-30 विद्यार्थी ही वाणिज्य विषय में अध्ययनरत थे वहीं वर्तमान में संकाय में 550 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। कक्षाओं का संचालन शुरुआत से ही टिन शेड में होता रहा है। छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने और टिनशेड जीर्णशीर्ण होने से नए भवन की मांग लगातार उठ रही थी। वाणिज्य भवन निर्माण के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से वर्ष 1996 से लगातार शासन को पत्र भेजा जा रहा था। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवराज सिंह पांगती ने बताया कि भवन निर्माण के लिए 338.48 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था।
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बताया कि पहली किश्त के रूप में 1.37 करोड़ रुपया जारी कर दी गई है। नए भवन के निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति दिलाने के लिए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने काफी प्रयास किए। वाणिज्य विभाग के प्रभारी डॉ. गिरीश चंद्र पंत, डॉ. अभिषेक पंत, डॉ. शांति यार्सो, डॉ. विमल जोशी, डॉ. रचना पाल, कृष्ण सिंह पंचपाल, डॉ. बीएम पांडेय, डॉ. प्रेमलता पंत, डॉ. सरोज वर्मा, डॉ. हेम चंद्र पांडेय, डॉ. पंकज भट्ट, प्रो. पुष्कर सिंह बिष्ट, शैलेंद्र पांडेय ने खुशी व्यक्त की है।
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