{"_id":"5aca57694f1c1b696b8b4723","slug":"161523210089-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनशनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनशनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट जारी
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। सड़क निर्माण की मांग के लिए पिछले छह दिनों से आमरण अनशन कर रहे भैरव दत्त पाठक के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। स्वास्थ्य परीक्षण में उनके वजन में पांच किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
रविवार को भी महरी धर्मशाला में हलियाडोब-दशौली-लछीमा-ओखरानी-नाचनी मोटर मार्ग संघर्ष समिति के बैनर तले अनशन जारी रहा। अनशनकारी ने मांग पूरी होने तक आंदोलन पर डटे रहने का ऐलान किया। अनशनस्थल पर सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के युवा सदस्य कैलाश पाठक ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। लोगों की इस मूलभूत जरुरत को पूरा नहीं कर पाना शासन-प्रशासन की विफलता है। अनशनकारियों ने कहा कि निर्माणाधीन सड़क के शेष भाग की वित्तीय स्वीकृति की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को 55 दिन हो गए हैं। लेकिन सरकार ने अब तक ग्रामीणों की सुध नहीं ली। धरने पर देवीदत्त पाठक, मुकेश राम, आनंद राम, मोहन पाठक, रेवाधर पाठक, बसंत बल्लभ पाठक, कमल पाठक आदि बैठे।
रविवार को भी महरी धर्मशाला में हलियाडोब-दशौली-लछीमा-ओखरानी-नाचनी मोटर मार्ग संघर्ष समिति के बैनर तले अनशन जारी रहा। अनशनकारी ने मांग पूरी होने तक आंदोलन पर डटे रहने का ऐलान किया। अनशनस्थल पर सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के युवा सदस्य कैलाश पाठक ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। लोगों की इस मूलभूत जरुरत को पूरा नहीं कर पाना शासन-प्रशासन की विफलता है। अनशनकारियों ने कहा कि निर्माणाधीन सड़क के शेष भाग की वित्तीय स्वीकृति की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को 55 दिन हो गए हैं। लेकिन सरकार ने अब तक ग्रामीणों की सुध नहीं ली। धरने पर देवीदत्त पाठक, मुकेश राम, आनंद राम, मोहन पाठक, रेवाधर पाठक, बसंत बल्लभ पाठक, कमल पाठक आदि बैठे।
विज्ञापन