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Pithoragarh News: उम्र पार कर चुकीं 16 बसें मैदान भेजीं, छह हुईं नीलाम
Sat, 08 Mar 2025 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 08 Mar 2025 11:14 PM IST
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पिथौरागढ़। डिपो के बेड़े में 22 और बसें कम हो गईं। उम्र पूरी कर चुकीं 16 बसों को मैदान भेज दिया गया और छह बसें नीलाम कर दी गईं। पहले ही मानक से कम चल रहीं बसों की वजह से हर रूट पर इनको भेजने में दिक्कत हो रही है। इधर, होली पर बसों का संचालन नहीं होने से डिपो की आय भी कम होने की आशंका है।
पिथौरागढ़ डिपो को कुछ माह पहले 28 नई बसें मिली थीं। तब उम्मीद जगी थी कि यात्रियों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही डिपो की आय भी बढ़ेगी। इधर, उम्र पूरी करने के बाद पहाड़ की सड़कों पर दौड़ने में नाकाम 16 बसों को मैदान भेजना पड़ा। वहीं छह पुरानी बसों का नीलाम कर दिया गया है।
अब पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में 86 के मुकाबले 64 बसें रह गई हैं। बसों की संख्या कम होने से प्रत्येक रूट पर इनका संचालन करना मुश्किल हो रहा है। अब होली पर बसों की कमी से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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इन रूटों पर कम करनी पड़ी बसें
डिपो में बसों की कमी की वजह से कई रूटों पर संचालन में कटौती करनी पड़ी। पहले जिन मार्गों पर दो बसों का संचालन होता था अब वहां एक ही बस भेजी जा रही है।
नई बसों का संचालन सिर्फ दिल्ली मार्ग पर
वर्ष 2019 के बाद पिथौरागढ़ डिपो को 28 नई बसें मिलीं। उम्मीद थी कि हर रूट पर नई बसों का संचालन होगा। डिपो के अफसरों ने सभी नई बसों को दिल्ली मार्ग पर भेज दिया। अन्य रूटों पर अब भी यात्री पुरानी जर्जर बसों में सफर कर रहे हैं। यहां तक कि देहरादून मार्ग पर एक भी नई बस नहीं चल रही है।
कोट
- पुरानी बसें मैदानी क्षेत्रों में भेजी जा रही हैं। डिपो सभी रूटों पर बस संचालित कर रहा है। वीएस-सिक्स मॉडल की नई बसों को दिल्ली रूट पर चलाया जा रहा है। नई बसें ही दिल्ली रूट पर चलने का मानक पूरा कर रही हैं।
रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ डिपो को कुछ माह पहले 28 नई बसें मिली थीं। तब उम्मीद जगी थी कि यात्रियों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही डिपो की आय भी बढ़ेगी। इधर, उम्र पूरी करने के बाद पहाड़ की सड़कों पर दौड़ने में नाकाम 16 बसों को मैदान भेजना पड़ा। वहीं छह पुरानी बसों का नीलाम कर दिया गया है।
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अब पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में 86 के मुकाबले 64 बसें रह गई हैं। बसों की संख्या कम होने से प्रत्येक रूट पर इनका संचालन करना मुश्किल हो रहा है। अब होली पर बसों की कमी से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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इन रूटों पर कम करनी पड़ी बसें
डिपो में बसों की कमी की वजह से कई रूटों पर संचालन में कटौती करनी पड़ी। पहले जिन मार्गों पर दो बसों का संचालन होता था अब वहां एक ही बस भेजी जा रही है।
नई बसों का संचालन सिर्फ दिल्ली मार्ग पर
वर्ष 2019 के बाद पिथौरागढ़ डिपो को 28 नई बसें मिलीं। उम्मीद थी कि हर रूट पर नई बसों का संचालन होगा। डिपो के अफसरों ने सभी नई बसों को दिल्ली मार्ग पर भेज दिया। अन्य रूटों पर अब भी यात्री पुरानी जर्जर बसों में सफर कर रहे हैं। यहां तक कि देहरादून मार्ग पर एक भी नई बस नहीं चल रही है।
कोट
- पुरानी बसें मैदानी क्षेत्रों में भेजी जा रही हैं। डिपो सभी रूटों पर बस संचालित कर रहा है। वीएस-सिक्स मॉडल की नई बसों को दिल्ली रूट पर चलाया जा रहा है। नई बसें ही दिल्ली रूट पर चलने का मानक पूरा कर रही हैं।
रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़।