{"_id":"5c17dd29bdec22569e112c5e","slug":"151545067817-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता का विरोध
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। बीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने बीएड के लिए स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता का नियम बनाने का विरोध किया है। उन्होंने इसे प्रशिक्षितों के साथ अन्याय बताया है।
कहा है कि वर्ष 2011 से पहले स्नातक स्तर पर 45 प्रतिशत अंकों के साथ सामान्य और 40 प्रतिशत अंकों के साथ आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को बीएड कराया गया। इस बार स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता का नियम बना दिया गया। इससे अध्यापक पात्रता परीक्षा से भी हजारों अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे।
कहा कि सरकार ने इस संबंध में प्रशिक्षित बेरोजगारों के पक्ष में फैसला नहीं लिया तो लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया जाएगा। इस दौरान सुरेश धामी, दिनेश जोशी, जगदीश नेगी, पंकज धानिक, जगदीश नेगी, पंकज कार्की, नीरज सौन, शमशेर सिंह, सूरज कुमार, संजय, रूप सिंह, मोहन सिंह, नीमा, ऊषा, वंदना, रेखा, मंजू आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा है कि वर्ष 2011 से पहले स्नातक स्तर पर 45 प्रतिशत अंकों के साथ सामान्य और 40 प्रतिशत अंकों के साथ आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को बीएड कराया गया। इस बार स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता का नियम बना दिया गया। इससे अध्यापक पात्रता परीक्षा से भी हजारों अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे।
विज्ञापन
कहा कि सरकार ने इस संबंध में प्रशिक्षित बेरोजगारों के पक्ष में फैसला नहीं लिया तो लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया जाएगा। इस दौरान सुरेश धामी, दिनेश जोशी, जगदीश नेगी, पंकज धानिक, जगदीश नेगी, पंकज कार्की, नीरज सौन, शमशेर सिंह, सूरज कुमार, संजय, रूप सिंह, मोहन सिंह, नीमा, ऊषा, वंदना, रेखा, मंजू आदि थे।
विज्ञापन