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जिले की एकमात्र कार्डिंग यूनिट एक महीने से बंद
Updated Sun, 28 Jan 2018 10:17 PM IST
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पिथौरागढ़/धारचूला। जिले के बुनकरों को प्रोत्साहित करने, उनके कच्चे ऊन को शोधित कर तागा तैयार करने के लिए 1964 में धारचूला में उद्योग विभाग ने जो कार्डिंग यूनिट लगाई थी, वह एक महीने से बंद है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों बुनकरों का काम प्रभावित हो गया है।
यहां तैनात कार्डिंग प्लांट ऑपरेटर दयाल सिंह बिष्ट 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी जगह नई तैनाती नहीं हो पाई। वहीं, मुनस्यारी का कार्डिंग प्लांट 12 वर्ष पहले बंद हो गया था। मुनस्यारी के बुनकर भी धारचूला आकर ही कच्चे ऊन का इसी कार्डिंग प्लांट में शोधन करते थे। इसके अलावा बरम, बंगापानी, जौलजीबी से भी कई बुनकर यहां ऊन का शोधन कराते थेे। एक महीने से यह प्लांट बंद होने से धारचूला और मुनस्यारी में ऊनी कुटीर उद्योग पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
जनजाति महिला उत्थान समिति की अध्यक्ष कुसुम देवी, सचिव दशरथी गुंज्याल और कोषाध्यक्ष भागेश्वरी देवी का कहना है कि प्लांट में सरकार अब तक एक ऑपरेटर की तैनाती नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि प्लांट बंद होने से ऊन पर आधारित कुटीर उद्योग ठप हैं और एक हजार बुनकरों का काम प्रभावित हो रहा है।
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इस मामले में उद्योग विभाग की महाप्रबंधक कविता भगत का कहना है कि पिछले महीने सेवानिवृत्त हुए ऑपरेटर दयाल सिंह बिष्ट को कम से कम दो वर्ष का सेवा विस्तार देने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। सेवा विस्तार की मंजूरी मिलते ही प्लांट का कामकाज विधिवत शुरू हो जाएगा।
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यहां तैनात कार्डिंग प्लांट ऑपरेटर दयाल सिंह बिष्ट 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी जगह नई तैनाती नहीं हो पाई। वहीं, मुनस्यारी का कार्डिंग प्लांट 12 वर्ष पहले बंद हो गया था। मुनस्यारी के बुनकर भी धारचूला आकर ही कच्चे ऊन का इसी कार्डिंग प्लांट में शोधन करते थे। इसके अलावा बरम, बंगापानी, जौलजीबी से भी कई बुनकर यहां ऊन का शोधन कराते थेे। एक महीने से यह प्लांट बंद होने से धारचूला और मुनस्यारी में ऊनी कुटीर उद्योग पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
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जनजाति महिला उत्थान समिति की अध्यक्ष कुसुम देवी, सचिव दशरथी गुंज्याल और कोषाध्यक्ष भागेश्वरी देवी का कहना है कि प्लांट में सरकार अब तक एक ऑपरेटर की तैनाती नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि प्लांट बंद होने से ऊन पर आधारित कुटीर उद्योग ठप हैं और एक हजार बुनकरों का काम प्रभावित हो रहा है।
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इस मामले में उद्योग विभाग की महाप्रबंधक कविता भगत का कहना है कि पिछले महीने सेवानिवृत्त हुए ऑपरेटर दयाल सिंह बिष्ट को कम से कम दो वर्ष का सेवा विस्तार देने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। सेवा विस्तार की मंजूरी मिलते ही प्लांट का कामकाज विधिवत शुरू हो जाएगा।