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गुजरात वन विभाग की टीम अस्कोट पहुंची
Updated Wed, 24 Jan 2018 10:49 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। गुजरात वन विभाग की टीम अस्कोट पहुंच गई है। 12 सदस्यीय इस टीम ने जैव विविधता संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना (बकरलिप) के तहत कराए जा रहे कामों को देखा।
लिटिल रन आफ कच्छ (एलआरके) के डीएफओ एसएस असोड़ा के नेतृत्व में आए दल ने कामों को देखने के बाद कहा कि अस्कोट मृग विहार क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में बकरलिप परियोजना बेहद कारगर साबित हो रही है। असोड़ा ने कहा कि पारंपरिक ऊनी कपड़े बनाने, सिलाई, कढ़ाई, मुर्गी पालन, डेयरी विकास, मौनपालन, मसाला उद्योग, ईको टूरिज्म से लोगों को जोड़ने, घराटों का जीर्णोद्धार, प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण, पैदल रास्तों, संपर्क पुलिया आदि के निर्माण काफी बेहतर ढंग से चल रहे हैं।
बकरलिप परियोजना के समाजविज्ञानी मुकेश गड़िया ने कहा कि यहां की कार्यशैली से काफी सीखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार की बकरलिप योजना कच्छ और अस्कोट क्षेत्र में संचालित हो रही है। दल के सदस्यों ने इससे पहले चौदांस घाटी के पांगू, छलमाछिलासूं, पुलनाभटक, सोसा, अस्कोट वन रेंज के अंतर्गत रमतोली, सेरा, सीलिंग वन पंचायतों का निरीक्षण किया। दल में गुजरात के वन रेंजर टीएन डडोलिया, पीआर ब्यास, खंगर बोरा, सहदेव सिंह, जीवन देसाई, पीजी गोस्वामी, धारचूला के वन क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार, नरेंद्र राम, नंदाबल्लभ आदि थे। यह दल दो दिन तक क्षेत्र का भ्रमण करेगा और बकरलिप के तहत कराए जा रहे कामों का निरीक्षण करेगा।
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लिटिल रन आफ कच्छ (एलआरके) के डीएफओ एसएस असोड़ा के नेतृत्व में आए दल ने कामों को देखने के बाद कहा कि अस्कोट मृग विहार क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में बकरलिप परियोजना बेहद कारगर साबित हो रही है। असोड़ा ने कहा कि पारंपरिक ऊनी कपड़े बनाने, सिलाई, कढ़ाई, मुर्गी पालन, डेयरी विकास, मौनपालन, मसाला उद्योग, ईको टूरिज्म से लोगों को जोड़ने, घराटों का जीर्णोद्धार, प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण, पैदल रास्तों, संपर्क पुलिया आदि के निर्माण काफी बेहतर ढंग से चल रहे हैं।
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बकरलिप परियोजना के समाजविज्ञानी मुकेश गड़िया ने कहा कि यहां की कार्यशैली से काफी सीखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार की बकरलिप योजना कच्छ और अस्कोट क्षेत्र में संचालित हो रही है। दल के सदस्यों ने इससे पहले चौदांस घाटी के पांगू, छलमाछिलासूं, पुलनाभटक, सोसा, अस्कोट वन रेंज के अंतर्गत रमतोली, सेरा, सीलिंग वन पंचायतों का निरीक्षण किया। दल में गुजरात के वन रेंजर टीएन डडोलिया, पीआर ब्यास, खंगर बोरा, सहदेव सिंह, जीवन देसाई, पीजी गोस्वामी, धारचूला के वन क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार, नरेंद्र राम, नंदाबल्लभ आदि थे। यह दल दो दिन तक क्षेत्र का भ्रमण करेगा और बकरलिप के तहत कराए जा रहे कामों का निरीक्षण करेगा।
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