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शराब विरोधी आंदोलनकारियों का केस समाप्त
Updated Wed, 26 Jul 2017 10:47 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। 10 अप्रैल 2011 को यहां शराब विरोधी आंदोलन के दौरान जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुए थे, उसे राज्य सरकार ने समाप्त कर दिए हैं। शराब विरोधी आंदोलनकारी मल्लिका विर्दी और उनके साथियों के खिलाफ तब पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे। यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के समक्ष भी रखा गया था।
रावत ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया था कि मुकदमे वापस लिए जाएंगे। बुधवार को मल्लिका विर्दी समेत अन्य लोगों ने कांग्रेस कार्यालय में पहुंचकर विधायक हरीश धामी का आभार जताया। इस दौरान रेखा देवी, बसंती देवी, अनुसूया, चंद्रा, दीपा, राजू रावत, मनोहर टोलिया, ईश्वर कोरंगा आदि मौजूद थे।
उधर, तत्कालीन अंग्रेजी शराब की दुकान की मकान मालिक मंजू जोशी का कहना है कि यह केस गलत तरीके से वापस लिया गया है। सरकार ने उनका पक्ष जाने बगैर केस समाप्त किया है। इसके खिलाफ वह अदालत जाएंगी। उनका आरोप है कि आंदोलनकारियों ने उनके मकान में आग लगाने की कोशिश की थी। इस मामले में उन्होंने भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रावत ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया था कि मुकदमे वापस लिए जाएंगे। बुधवार को मल्लिका विर्दी समेत अन्य लोगों ने कांग्रेस कार्यालय में पहुंचकर विधायक हरीश धामी का आभार जताया। इस दौरान रेखा देवी, बसंती देवी, अनुसूया, चंद्रा, दीपा, राजू रावत, मनोहर टोलिया, ईश्वर कोरंगा आदि मौजूद थे।
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उधर, तत्कालीन अंग्रेजी शराब की दुकान की मकान मालिक मंजू जोशी का कहना है कि यह केस गलत तरीके से वापस लिया गया है। सरकार ने उनका पक्ष जाने बगैर केस समाप्त किया है। इसके खिलाफ वह अदालत जाएंगी। उनका आरोप है कि आंदोलनकारियों ने उनके मकान में आग लगाने की कोशिश की थी। इस मामले में उन्होंने भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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