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समस्याओं का समाधान नहीं होने से शिक्षकों में आक्रोश
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़। राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने 18 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने बार-बार मांगें उठाने के बावजूद कोई सकारात्मक पहल नहीं होने पर आक्रोश जताया।
संघ का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल से मिला और माध्यमिक शिक्षकों की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि तदर्थ शिक्षकों जिनको पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन वेतनमान दिया जा रहा है था, उसकी वसूली की जा रही है। उन्होंने वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने, एसीपी का लाभ देने या पूरे सेवाकाल में तीन पदोन्नति की व्यवस्था करने, वेतन विसंगति दूर करने, वर्ष 2008 की कोटिकरण विसंगति ठीक करने, एलटी का चयन वेतनमान लेवल-10 और प्रवक्ता का प्रोन्नत वेतनमान लेवल-12 करने, तदर्थ शिक्षकों को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन वेतनमान देने, विज्ञान, गणित और भूगोल विषयों में पदोन्नति शीघ्र करने की मांग की है।
इनके अलावा शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं करवाने, 300 छात्र संख्या से अधिक के इंटर कॉलेजों में उप प्रधानाचार्य के पद सृजित करने, उप शिक्षा अधिकारी के पदों में 20 प्रतिशत विभागीय शिक्षकों के लिए कोटा निर्धारित करने, स्वत: सत्रांत लाभ का शासनादेश जारी करने आदि मांगें उठाई गई हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के जिला मंत्री प्रवीण सिंह रावल, निरंजना पांडेय, विक्रम दिगारी, मोहित बिष्ट आदि शामिल थे।
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संघ का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल से मिला और माध्यमिक शिक्षकों की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि तदर्थ शिक्षकों जिनको पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन वेतनमान दिया जा रहा है था, उसकी वसूली की जा रही है। उन्होंने वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने, एसीपी का लाभ देने या पूरे सेवाकाल में तीन पदोन्नति की व्यवस्था करने, वेतन विसंगति दूर करने, वर्ष 2008 की कोटिकरण विसंगति ठीक करने, एलटी का चयन वेतनमान लेवल-10 और प्रवक्ता का प्रोन्नत वेतनमान लेवल-12 करने, तदर्थ शिक्षकों को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन वेतनमान देने, विज्ञान, गणित और भूगोल विषयों में पदोन्नति शीघ्र करने की मांग की है।
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इनके अलावा शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं करवाने, 300 छात्र संख्या से अधिक के इंटर कॉलेजों में उप प्रधानाचार्य के पद सृजित करने, उप शिक्षा अधिकारी के पदों में 20 प्रतिशत विभागीय शिक्षकों के लिए कोटा निर्धारित करने, स्वत: सत्रांत लाभ का शासनादेश जारी करने आदि मांगें उठाई गई हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के जिला मंत्री प्रवीण सिंह रावल, निरंजना पांडेय, विक्रम दिगारी, मोहित बिष्ट आदि शामिल थे।
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