{"_id":"5b44ee464f1c1b86468b5a8a","slug":"141531244102-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तक 11 लाख दो हजार रुपये के सामान का निर्यात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तक 11 लाख दो हजार रुपये के सामान का निर्यात
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-चीन व्यापार में अब तेजी आने लगी है। मंगलवार को एक और व्यापारी गुंजी से चीन की व्यापारिक मंडी तकलाकोट को रवाना हुआ। इस वर्ष अब तक 11 लाख दो हजार एक सौ बीस रुपये के सामान का निर्यात हो चुका है। साथ ही इस वर्ष अब तक 219 ट्रेड पास जारी हुए हैं।
एसडीएम आरके पांडेय और ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि 32 व्यापारी तकलाकोट मंडी पहुंच गए हैं। मंगलवार को गुंजी से एक और व्यापारी सामान के साथ तकलाकोट रवाना हुआ। व्यापारियों ने अभी तकलाकोट से सामान खरीदना शुरू नहीं किया है। यहां के व्यापारी अपने साथ कॉफी, गुड़, मिश्री, सुरती, रेडीमेट कपड़े, टॉफिया, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री लेकर तकलाकोट पहुंचे हैं।
पिछले वर्षों तक व्यापारी जुलाई अंतिम सप्ताह तक तकलाकोट पहुंचते थे। इस वर्ष प्रशासन ने जून में ही व्यापारियों को ट्रेड पास जारी कर दिए। इसके चलते जून अंतिम सप्ताह में ही व्यापारी तकलाकोट मंडी पहुंच गए। अभी कई व्यापारियों का सामान मालपा, बूंदी में रखा है। नजंग और बूंदी में रास्ते खराब होने से यात्रियों को सामान पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम आरके पांडेय और ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि 32 व्यापारी तकलाकोट मंडी पहुंच गए हैं। मंगलवार को गुंजी से एक और व्यापारी सामान के साथ तकलाकोट रवाना हुआ। व्यापारियों ने अभी तकलाकोट से सामान खरीदना शुरू नहीं किया है। यहां के व्यापारी अपने साथ कॉफी, गुड़, मिश्री, सुरती, रेडीमेट कपड़े, टॉफिया, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री लेकर तकलाकोट पहुंचे हैं।
विज्ञापन
पिछले वर्षों तक व्यापारी जुलाई अंतिम सप्ताह तक तकलाकोट पहुंचते थे। इस वर्ष प्रशासन ने जून में ही व्यापारियों को ट्रेड पास जारी कर दिए। इसके चलते जून अंतिम सप्ताह में ही व्यापारी तकलाकोट मंडी पहुंच गए। अभी कई व्यापारियों का सामान मालपा, बूंदी में रखा है। नजंग और बूंदी में रास्ते खराब होने से यात्रियों को सामान पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन