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बालिंग गांव में भालू ने घर की छत तोड़ी
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:18 AM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। बालिंग गांव में भालू का आतंक बढ़ गया है। भालू ने एक मकान की छत उखाड़ दी। माइग्रेशन गांव होने के कारण इन दिनों घर में कोई नहीं रहता। सामाजिक कार्यकर्ता लीला बनग्याल के नेतृत्व में एसडीएम आरके पांडेय से मिले ग्रामीणों ने बालिंग गांव में भालू के आतंक का मामला उठाया।
इन लोगों ने एसडीएम को बताया कि भालू ने मंगलवार को सुरेंद्र सिंह बनग्याल पुत्र मान सिंह के मकान की छत उखाड़ दी। यह परिवार माइग्रेशन पर गलाती में रहता है। इन लोगों ने कहा कि बांलिंग समेत तमाम गांवों के लोग अक्तूबर से मार्च तक निचले इलाकों में परिवार सहित प्रवास के लिए चले आते हैं। हर साल माइग्रेशन वाले गांवों में भालुओं का आतंक रहता है। माइग्रेशन से जब लोग लौटते हैं तो घरों की छत टूटी मिलती है, घर का सामान बिखरा रहता है। बनग्याल ने कहा कि भालू की आड़ में असामाजिक तत्व भी माइग्रेशन गांवों में सक्रिय हो सकते हैं, इसका भी पता लगाया जाना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि वन अधिकारियों को भालू के आतंक के बारे में पत्र लिखा जा रहा है। वन और राजस्व विभाग की टीम गांव जाकर स्थिति का जायजा लेगी।
इन लोगों ने एसडीएम को बताया कि भालू ने मंगलवार को सुरेंद्र सिंह बनग्याल पुत्र मान सिंह के मकान की छत उखाड़ दी। यह परिवार माइग्रेशन पर गलाती में रहता है। इन लोगों ने कहा कि बांलिंग समेत तमाम गांवों के लोग अक्तूबर से मार्च तक निचले इलाकों में परिवार सहित प्रवास के लिए चले आते हैं। हर साल माइग्रेशन वाले गांवों में भालुओं का आतंक रहता है। माइग्रेशन से जब लोग लौटते हैं तो घरों की छत टूटी मिलती है, घर का सामान बिखरा रहता है। बनग्याल ने कहा कि भालू की आड़ में असामाजिक तत्व भी माइग्रेशन गांवों में सक्रिय हो सकते हैं, इसका भी पता लगाया जाना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि वन अधिकारियों को भालू के आतंक के बारे में पत्र लिखा जा रहा है। वन और राजस्व विभाग की टीम गांव जाकर स्थिति का जायजा लेगी।
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