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Pithoragarh News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष का कठोर कारावास
Tue, 18 Jul 2023 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 18 Jul 2023 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉस्को) शंकर राज ने नाबालिग विवाहिता से दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी भुगतना होगा।
पिथौरागढ़ नगर निवासी रोहित कुमार वर्ष 2021 में 16 साल एक माह तीन दिन की एक नाबालिग नव विवाहिता को बहला फुसलाकर पिथौरागढ़ से हल्द्वानी ले गया। इस मामले में पीड़िता के पति की ओर से पिथौरागढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। यह मामला विशेष सत्र न्यायालय में चला। विशेष सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद रोहित कुमार को धारा 363, 366ए, 376 (2)( ढ) लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत दोष सिद्ध पाया। न्यायालय ने दोष सिद्ध रोहित कुमार को धारा 363 के अपराध के लिए सात वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
धारा 366 ए के लिए 10 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 376 (2)( ढ) के तहत 14 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।
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.......इनसेट........
पति और माता-पिता के खिलाफ भी चल रहा मुकदमा
पिथौरागढ़। नाबालिग से विवाह करने पर पीड़िता के पति और माता-पिता के खिलाफ भी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। जानकारी के अनुसार जब पीड़िता का विवाह हुआ उस समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष थी। दोषी युवक शादी के एक-दो दिन में ही उसे बहला फुसलाकर ले गया था। जब पति ने उसकी पत्नी को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई तब जांच में विवाहिता के नाबालिग होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने पति सहित लड़की के माता-पिता के खिलाफ भी बाल विवाह करने पर मुकदमा दर्ज किया। संवाद
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पिथौरागढ़ नगर निवासी रोहित कुमार वर्ष 2021 में 16 साल एक माह तीन दिन की एक नाबालिग नव विवाहिता को बहला फुसलाकर पिथौरागढ़ से हल्द्वानी ले गया। इस मामले में पीड़िता के पति की ओर से पिथौरागढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। यह मामला विशेष सत्र न्यायालय में चला। विशेष सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद रोहित कुमार को धारा 363, 366ए, 376 (2)( ढ) लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत दोष सिद्ध पाया। न्यायालय ने दोष सिद्ध रोहित कुमार को धारा 363 के अपराध के लिए सात वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
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धारा 366 ए के लिए 10 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 376 (2)( ढ) के तहत 14 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर पांच वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।
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पति और माता-पिता के खिलाफ भी चल रहा मुकदमा
पिथौरागढ़। नाबालिग से विवाह करने पर पीड़िता के पति और माता-पिता के खिलाफ भी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। जानकारी के अनुसार जब पीड़िता का विवाह हुआ उस समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष थी। दोषी युवक शादी के एक-दो दिन में ही उसे बहला फुसलाकर ले गया था। जब पति ने उसकी पत्नी को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई तब जांच में विवाहिता के नाबालिग होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने पति सहित लड़की के माता-पिता के खिलाफ भी बाल विवाह करने पर मुकदमा दर्ज किया। संवाद