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11 वर्षीय हार्दिक ने लिखा अंग्रेजी में दूसरा उपन्यास
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:51 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के नजदीकी हुड़ेती गांव के 11 वर्षीय हार्दिक उप्रेती ने अंग्रेजी में दूसरा उपन्यास लिखकर सबको हैरत में डाल दिया। हार्दिक का यह दूसरा उपन्यास है, जिसे इसी वर्ष मार्च में ब्लू रोज पब्लिकेशन नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है। जैन गेरैट द जर्नी बिगिन्स शीर्षक से छपे इस उपन्यास में सात अध्याय और 86 पृष्ठ हैं। हार्दिक ने यह उपन्यास अपने दादा भुवन चंद्र उप्रेती और दादी जानकी उप्रेती को समर्पित किया है।
हार्दिक वर्तमान में बीजीएस इंटरनेशनल स्कूल द्वारिका दिल्ली में कक्षा सात में अध्ययनरत हैं। हार्दिक अपने पिता लोकेश उप्रेती, माता रश्मि उप्रेती और बड़ी बहन के साथ दिल्ली में रहते हैं। हार्दिक ने महज आठ वर्ष की उम्र में कहानियां/लघुकथा लिखकर साहित्य जगत में पहचान बनाई। खेलने से अधिक वह कहानियां लिखते रहते हैं। अब तक वह 12 से अधिक लघुकथा लिख चुके हैं।
विगत वर्ष उन्होंने अपना पहला उपन्यास अंग्रेजी भाषा में ए क्रिसमस मिरेकल लिखा था। जिससे उनको काफी लोकप्रियता मिली। किताबें पढ़कर ही उन्हें उपन्यास लिखने की प्रेरणा मिली। लेखन के अलावा हार्दिक को फुटबाल, रेसलिंग में विशेष रुचि हैं। किताब पढ़ना, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग उनके दिनचर्या में शामिल हैं।
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ऑनलाइन लांच हुई किताब
हार्दिक द्वारा लिखा गया दूसरा उपन्यास जैन गेरैट द जर्नी बिगिन्स ऑनलाइन लांच किया गया है। उनकी यह बुक ऑनलाइन कंपनी अमेजन, फ्लिपकार्ट, शॉपक्लूज में उपलब्ध है।
गरीबों की मदद करना हार्दिक का मकसद
हार्दिक का मकसद गरीबों की सेवा एवं मदद करना है। इससे उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। हार्दिक का कहना है कि वह भविष्य में एक चैरिटी खोलेंगे। जिसके माध्यम से गरीब, जरूरतमंदों की मदद की जा सके।
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हार्दिक वर्तमान में बीजीएस इंटरनेशनल स्कूल द्वारिका दिल्ली में कक्षा सात में अध्ययनरत हैं। हार्दिक अपने पिता लोकेश उप्रेती, माता रश्मि उप्रेती और बड़ी बहन के साथ दिल्ली में रहते हैं। हार्दिक ने महज आठ वर्ष की उम्र में कहानियां/लघुकथा लिखकर साहित्य जगत में पहचान बनाई। खेलने से अधिक वह कहानियां लिखते रहते हैं। अब तक वह 12 से अधिक लघुकथा लिख चुके हैं।
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विगत वर्ष उन्होंने अपना पहला उपन्यास अंग्रेजी भाषा में ए क्रिसमस मिरेकल लिखा था। जिससे उनको काफी लोकप्रियता मिली। किताबें पढ़कर ही उन्हें उपन्यास लिखने की प्रेरणा मिली। लेखन के अलावा हार्दिक को फुटबाल, रेसलिंग में विशेष रुचि हैं। किताब पढ़ना, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग उनके दिनचर्या में शामिल हैं।
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हार्दिक द्वारा लिखा गया दूसरा उपन्यास जैन गेरैट द जर्नी बिगिन्स ऑनलाइन लांच किया गया है। उनकी यह बुक ऑनलाइन कंपनी अमेजन, फ्लिपकार्ट, शॉपक्लूज में उपलब्ध है।
गरीबों की मदद करना हार्दिक का मकसद
हार्दिक का मकसद गरीबों की सेवा एवं मदद करना है। इससे उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। हार्दिक का कहना है कि वह भविष्य में एक चैरिटी खोलेंगे। जिसके माध्यम से गरीब, जरूरतमंदों की मदद की जा सके।