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कांग्रेस ने पेयजल मंत्री का इस्तीफा मांगा

Wed, 28 Feb 2018 10:49 PM IST
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:49 PM IST
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कांग्रेस ने पेयजल मंत्री का इस्तीफा मांगा
पिथौरागढ़। पेयजल मंत्री के गृहनगर में आंवलाघाट पेयजल योजना टैंक लीक और ठुलीगाड़ योजना में सीवरेज मिलने के मामले में राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस ने इस मामले में पेयजल मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साथ ही नैतिकता के आधार पर मंत्री का इस्तीफा मांगा है।
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बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तिलढुकरी मेें जोरदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पेयजल मंत्री का पुतला फूंका। कहा कि पेयजल मंत्री के गृहनगर की जनता ने कई दिनों तक सीवरेज मिला प्रदूषित पानी पिया। अब नवनिर्मित आंवलाघाट पेयजल योजना का टैंक लीक हो गया है। यह जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के साथ ही गाढ़ी कमाई की बर्बादी है।
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इससे साफ है कि विभाग पेयजल आपूर्ति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर संजीदा नहीं है। इस दौरान जिला मंत्री कुंडल महर, चंद्रशेखर महर, दीनू कापड़ी, नीतेश कुमार, महेश कुमार, आरएल वर्मा, भुवन पांडे, खीमराज जोशी आदि थे।
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टैंक लीक मामले में भाजपा ने कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा
पिथौरागढ़। आंवलाघाट योजना के नवनिर्मित पेयजल टैंक लीक मामले में भाजपा ने कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा है। भाजपा ने निर्माण की गुणवत्ता के लिए निवर्तमान कांग्रेस सरकार और विधायक को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया का कहना है कि कांग्रेस सरकार के समय मेें जल्दबाजी में आंवलाघाट योजना पर काम शुरू किया गया। पंपिंग योजना, पेयजल लाइनों और सड़क निर्माण करने से पहले जनता को दिखाने के लिए जल्दबाजी में टैंक खड़ा कर दिया गया। टैंक लीक होना इसी जल्दबाजी में गुणवत्ता से किए समझौते का नतीजा है। भाजपा सरकार को विरासत में अधूरी छोड़ी गई योजना मिली। पेयजल मंत्री ने योजना की राह में आ रही बाधाओं को दूर कराया। वहीं, सीवरेज मामले मेें भी भाजपा नेता महेंद्र लुंठी का कहना है कि सैन्य अस्पताल के कुप्रबंधन के चलते योजना में सीवरेज मिला। इसमें विभाग का कोई दोष नहीं है। सैन्य अस्पताल के जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर हुई है। पेयजल मंत्री के निर्देश पर मामला एनजीटी में विचाराधीन है। सीवरेज मिलाने के दोषियों पर जल्द कार्रवाई होगी।
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