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घटते लिंगानुपात को लेकर प्रशिक्षण दिया
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:34 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले में घटते लिंगानुपात को देखते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत एक दिनी प्रशिक्षण दिया गया। डीएम सी रविशंकर ने कहा कि प्रसव से पूर्व लिंग की जांच करने की घटनाओं को रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाने का काम सख्ती से कराया जाएगा।
बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के रिसोर्स पर्सन साबू एम जार्ज प्रशिक्षण के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व से ही महिलाएं विशेष भूमिका में रही हैं। यहां की महिलाओं ने पेड़ों को बचाने के लिए चिपको जैसे आंदोलनों को जन्म दिया। यहां महिलाओं का लिंगानुपात कम होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की संख्या जितनी कम होगी, उनके खिलाफ उतने ही अधिक आपराधिक मामले सामने आएंगे।
उन्होंने कहा बेटियों को बचाने के लिए मिलजुलकर प्रयास करने होंगे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश ढकरिया, डॉ. ऊषा जंगपांगी, सोमेंद्र उपाध्याय ने प्रसव पूर्व लिंग की जांच के संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सहायक अभियोजन अधिकारी सुनीता भट्ट ने प्रसव पूर्व निदान अधिनियम 1994 आदि की जानकारी दी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी वंदना, अल्ट्रासाउंड संचालक और अधिकारी मौजूद थे।
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बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के रिसोर्स पर्सन साबू एम जार्ज प्रशिक्षण के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व से ही महिलाएं विशेष भूमिका में रही हैं। यहां की महिलाओं ने पेड़ों को बचाने के लिए चिपको जैसे आंदोलनों को जन्म दिया। यहां महिलाओं का लिंगानुपात कम होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की संख्या जितनी कम होगी, उनके खिलाफ उतने ही अधिक आपराधिक मामले सामने आएंगे।
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उन्होंने कहा बेटियों को बचाने के लिए मिलजुलकर प्रयास करने होंगे। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश ढकरिया, डॉ. ऊषा जंगपांगी, सोमेंद्र उपाध्याय ने प्रसव पूर्व लिंग की जांच के संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सहायक अभियोजन अधिकारी सुनीता भट्ट ने प्रसव पूर्व निदान अधिनियम 1994 आदि की जानकारी दी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी वंदना, अल्ट्रासाउंड संचालक और अधिकारी मौजूद थे।
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