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जीआईसी गोरंगचौड़ में इतिहास प्रवक्ता का पद ही सृजित नहीं
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:06 PM IST
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पिथौरागढ़। राजकीय इंटर कॉलेज गोरंगचौड़ में शिक्षा विभाग इतिहास प्रवक्ता का पद ही सृजित नहीं कर पाया है। 32 वर्ष पूर्व इस विद्यालय को इंटर का दर्जा मिल गया था, लेकिन अब तक इतिहास प्रवक्ता की तैनाती नहीं हो पाई।
बताया गया है कि 1985 में जब विद्यालय के उच्चीकरण का शासनादेश जारी हुआ तो उसमें इंटर में इतिहास प्रवक्ता का उल्लेख नहीं किया गया। या फिर भूलवश इस विषय को अंकित नहीं किया जा सका।
इंटर में कला संकाय के ज्यादातर विद्यार्थी नागरिक शास्त्र, भूगोल के साथ इतिहास विषय भी लेते हैं। शिक्षक न होने से इतिहास विषय की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। हालांकि कला संकाय के अन्य शिक्षक इतिहास विषय को पढ़ा देते हैं, लेकिन स्थायी व्यवस्था न होने से कई बार पढ़ाई में व्यवधान आता है।
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शिक्षक अभिभावक संघ ने अब तक इतिहास प्रवक्ता की तैनाती न होने पर रोष जताया है। कहा कि विद्यालय की तरफ से कई बार इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर शिक्षा निदेशालय को भेजा जा चुका है।
शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष लीलांबर गुरुरानी ने कहा है कि यदि इतिहास प्रवक्ता की तैनाती नहीं हुई तो अभिभावक आंदोलन को बाध्य होंगे।
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बताया गया है कि 1985 में जब विद्यालय के उच्चीकरण का शासनादेश जारी हुआ तो उसमें इंटर में इतिहास प्रवक्ता का उल्लेख नहीं किया गया। या फिर भूलवश इस विषय को अंकित नहीं किया जा सका।
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इंटर में कला संकाय के ज्यादातर विद्यार्थी नागरिक शास्त्र, भूगोल के साथ इतिहास विषय भी लेते हैं। शिक्षक न होने से इतिहास विषय की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। हालांकि कला संकाय के अन्य शिक्षक इतिहास विषय को पढ़ा देते हैं, लेकिन स्थायी व्यवस्था न होने से कई बार पढ़ाई में व्यवधान आता है।
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शिक्षक अभिभावक संघ ने अब तक इतिहास प्रवक्ता की तैनाती न होने पर रोष जताया है। कहा कि विद्यालय की तरफ से कई बार इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर शिक्षा निदेशालय को भेजा जा चुका है।
शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष लीलांबर गुरुरानी ने कहा है कि यदि इतिहास प्रवक्ता की तैनाती नहीं हुई तो अभिभावक आंदोलन को बाध्य होंगे।