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पेड़ काटने के बाद प्रदर्शन के लिए पहुंचे ग्रामीण
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। डीडीहाट के पास चौबाटी कस्बे से बिना स्वीकृति के सड़क निर्माण करने और सड़क निर्माण के दौरान कई पेड़ कटने के बाद प्रशासन ने सड़क निर्माण पर रोक लगा दी। इस रोक को हटाने की मांग को लेकर क्षेत्र के कई गांवों के लोगों ने डीएम दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया।
डीएम को सौंपे पत्र में ग्रामीणों ने स्वीकार किया है कि अज्ञानतावश सड़क निर्माण के दौरान कुछ पेड़ कट गए हैं। यह पेड़ सिविल जंगल के हैं और इसे लेकर किसी ग्रामीण को आपत्ति नहीं है। ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये को लेकर भी भारी गुस्सा है। कहा कि यदि सरकार सड़क का निर्माण कर देती तो ग्रामीणों को इतना बड़ा जोखिम उठाने की जरूरत क्या थी।
मड़ की प्रधान विमला जोशी, रजनी देवी, शकुंतला देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि चौबाटी से मड़, खीरी, अटलगांव आदि गांवों को जाने के लिए पैदल रास्ता चट्टानों से होकर जाता है। इन चट्टानों से गिरकर अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। गांव के लोग श्रमदान से इस संकरे रास्ते को चौड़ा करने में लगे थे। उसी दौरान कुछ पेड़ जरूर कट गए, लेकिन प्रशासन ने सड़क निर्माण का काम रोक दिया है।
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कहा गया कि ग्रामीणों ने यह कदम बेहद मजबूरी में उठाया है। यदि सरकार और प्रशासन पहले ही सड़क का निर्माण कर देती तो इस तरह के विवाद की स्थिति नहीं आती। लोगों की मांग है कि सड़क निर्माण पर लगी रोक को हटाया जाए। डीएम सी रविशंकर ने कहा कि पेड़ कटने के मामले की जांच चल रही है। किसी निर्माण के नाम पर वन्य संपदा को नुकसान पहुंचाना अपराध है। प्रदर्शन में देवेंद्र भट्ट, ललिता प्रसाद, गिरीश चंद्र जोशी, गीता जोशी, भगवती जोशी आदि शामिल थे।
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डीएम को सौंपे पत्र में ग्रामीणों ने स्वीकार किया है कि अज्ञानतावश सड़क निर्माण के दौरान कुछ पेड़ कट गए हैं। यह पेड़ सिविल जंगल के हैं और इसे लेकर किसी ग्रामीण को आपत्ति नहीं है। ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये को लेकर भी भारी गुस्सा है। कहा कि यदि सरकार सड़क का निर्माण कर देती तो ग्रामीणों को इतना बड़ा जोखिम उठाने की जरूरत क्या थी।
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मड़ की प्रधान विमला जोशी, रजनी देवी, शकुंतला देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि चौबाटी से मड़, खीरी, अटलगांव आदि गांवों को जाने के लिए पैदल रास्ता चट्टानों से होकर जाता है। इन चट्टानों से गिरकर अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। गांव के लोग श्रमदान से इस संकरे रास्ते को चौड़ा करने में लगे थे। उसी दौरान कुछ पेड़ जरूर कट गए, लेकिन प्रशासन ने सड़क निर्माण का काम रोक दिया है।
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कहा गया कि ग्रामीणों ने यह कदम बेहद मजबूरी में उठाया है। यदि सरकार और प्रशासन पहले ही सड़क का निर्माण कर देती तो इस तरह के विवाद की स्थिति नहीं आती। लोगों की मांग है कि सड़क निर्माण पर लगी रोक को हटाया जाए। डीएम सी रविशंकर ने कहा कि पेड़ कटने के मामले की जांच चल रही है। किसी निर्माण के नाम पर वन्य संपदा को नुकसान पहुंचाना अपराध है। प्रदर्शन में देवेंद्र भट्ट, ललिता प्रसाद, गिरीश चंद्र जोशी, गीता जोशी, भगवती जोशी आदि शामिल थे।