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दुर्गम में कार्यरत शिक्षकों को नहीं मिला न्याय

Tue, 10 Jul 2018 11:04 PM IST
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:04 PM IST
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दुर्गम में कार्यरत शिक्षकों को नहीं मिला न्याय
पिथौरागढ़। उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को ज्ञापन सौंपकर कहा कि जनपद में प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित स्थानांतरण एक्ट के अनुसार घोषित हो गए हैं। इसमें सुगम से दुर्गम, दुर्गम से सुगम अनिवार्य स्थानांतरण और अनुरोध के आधार पर मात्र 10 प्रतिशत स्थानांतरण हुए हैं। इससे वर्षों से दुर्गम में कार्यरत शिक्षकों को न्याय नहीं मिल पाया है।
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ज्ञापन में कहा गया है कि स्थानांतरण कोटा बढ़ाने की मांग कई बार की गई। वर्तमान में एक्ट के अनुसार अनिवार्य स्थानांतरण की जद में आए कई शिक्षकों का आरोप है कि विभाग द्वारा विकल्प पत्र भराए बगैर ही विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं। इससे 55 वर्ष से भी अधिक उम्र में सुविधा के स्थान पर दुविधा हो गई है। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षकों की सेवा एक-दो वर्ष शेष है।
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उक्त शिक्षकों को प्रार्थना पत्र के अनुसार उसी विद्यालय में कार्य करने दिया जाए। उन्होंने पदोन्नति काउंसलिंग की तिथि और पारस्परिक स्थानांतरण लिस्ट घोषित करने की मांग उठाई है। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ग्वासीकोटी, गंगोलीहाट ब्लॉक अध्यक्ष लाल सिंह डसीला, गणेश कोहली, दुर्गा प्रसाद आदि थे।
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