{"_id":"59ff46914f1c1b78548bb0f0","slug":"121509901969-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार कहां बसा रही ये तो बताए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार कहां बसा रही ये तो बताए
Updated Sun, 05 Nov 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। पंचेश्वर घाटी संघर्ष समिति ने वित्त मंत्री प्रकाश पंत को दिए ज्ञापन में पंचेश्वर बांध से जुड़े तमाम सवाल उठाए। कहा है कि सरकार को सबसे पहले बांध के दायरे में आ रहे लोगों को यह बताना चाहिए कि वह उन लोगों को बसा कहां रही है।
संघर्ष समिति के लोगों ने रविवार को वित्त मंत्री के पिथौरागढ़ स्थित आवास में उनसे मुलाकात की। इन लोगों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को परियोजना में नौकरी देने के लिए आरक्षण दिया जाना चाहिए। प्रभावितों के लिए कोटा निर्धारित होना चाहिए। कहा कि विस्थापित होने वाले परिवार, जिनके पास 5 नाली से कम भूमि है, उनको कम से 10 नाली सिंचित भूमि दी जाए। डूब क्षेत्र की जमीन का सर्किल रेट से भुगतान होना चाहिए। विस्थापित परिवारों को अगले 20 वर्षों तक कम से कम 5000 रुपया दिया जाए। मकान निर्माण के लिए 30 लाख रुपया मुआवजा मिलना चाहिए। जलाशय से दो किमी ऊपर के गांवों को भी विस्थापन के दायरे में लेने की मांग की है।
शिष्टमंडल ने विस्थापित परिवार को पांच एकड़ सिंचित भूमि के साथ विस्थापन स्थल पर संपूर्ण बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। बांध से राज्य को मिलने वाली 12 प्रतिशत बिजली में बांध प्रभावितों का पूरा हक होना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि बांध प्रभावित क्षेत्रों का नए सिरे से सर्वे कराने के बाद राहत पैकेज देने की घोषणा सरकार के स्तर से की जाएगी। मंत्री से मिलने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज सामंत, मान सिंह सामंत, करम सिंह सामंत, सुरेंद्र सिंह सामंत, प्रकाश सिंह सामंत आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संघर्ष समिति के लोगों ने रविवार को वित्त मंत्री के पिथौरागढ़ स्थित आवास में उनसे मुलाकात की। इन लोगों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को परियोजना में नौकरी देने के लिए आरक्षण दिया जाना चाहिए। प्रभावितों के लिए कोटा निर्धारित होना चाहिए। कहा कि विस्थापित होने वाले परिवार, जिनके पास 5 नाली से कम भूमि है, उनको कम से 10 नाली सिंचित भूमि दी जाए। डूब क्षेत्र की जमीन का सर्किल रेट से भुगतान होना चाहिए। विस्थापित परिवारों को अगले 20 वर्षों तक कम से कम 5000 रुपया दिया जाए। मकान निर्माण के लिए 30 लाख रुपया मुआवजा मिलना चाहिए। जलाशय से दो किमी ऊपर के गांवों को भी विस्थापन के दायरे में लेने की मांग की है।
विज्ञापन
शिष्टमंडल ने विस्थापित परिवार को पांच एकड़ सिंचित भूमि के साथ विस्थापन स्थल पर संपूर्ण बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। बांध से राज्य को मिलने वाली 12 प्रतिशत बिजली में बांध प्रभावितों का पूरा हक होना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि बांध प्रभावित क्षेत्रों का नए सिरे से सर्वे कराने के बाद राहत पैकेज देने की घोषणा सरकार के स्तर से की जाएगी। मंत्री से मिलने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज सामंत, मान सिंह सामंत, करम सिंह सामंत, सुरेंद्र सिंह सामंत, प्रकाश सिंह सामंत आदि शामिल थे।
विज्ञापन