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पंचेश्वर बांध संघर्ष समिति का गठन
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:55 PM IST
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पिथौरागढ़। महाकाली और सरयू घाटी के किनारे बसे गांव के लोगों ने पंचेश्वर बांध संघर्ष समिति का गठन कर दिया है। यह समिति बांध का विरोध करने के बजाय हक की लड़ाई लड़ेगी।
महाकाली और सरयू घाटी के किनारे स्थित हल्दू, गैरसेल, बेट्टा, अमरुवासेरा, बड़खेत, पंथ्यूड़ी, तड़ागाड़, चमगाड़, गौजियाबगड़, नैतिर, सिंतड़ा, फड़तोला, खूंटी, भल्या, मटियाल, उपरतोला, घाट, बौतड़ी, सेरा आदि गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। पंचेश्वर बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में बाकायदा इन गांवों को डूब क्षेत्र में दिखाया गया है।
गुरना में हुई बैठक में कहा गया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक मकसद के लिए बांध के पक्ष और विपक्ष में माहौल बना रहे हैं, लेकिन किसी को भी डूब क्षेत्र के लोगों की असल चिंता नहीं है। कहा गया कि संघर्ष समिति बांध का विरोध नहीं करेगी, वरन समुचित पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार जैसे मुद्दों के लिए आवाज उठाएगी।
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संघर्ष समिति के लिए भगवान सिंह को अध्यक्ष, कैलाश चंद्र पालीवाल को उपाध्यक्ष, बसंत भट्ट को संरक्षक, दीवान सिंह महर को सचिव, गोविंद सिंह सौन को कोषाध्यक्ष, मोहन सिंह मेहता, निर्मला भट्ट, माधो सिंह, बहादुर सिंह, खीम सिंह को सदस्य बनाया गया।
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महाकाली और सरयू घाटी के किनारे स्थित हल्दू, गैरसेल, बेट्टा, अमरुवासेरा, बड़खेत, पंथ्यूड़ी, तड़ागाड़, चमगाड़, गौजियाबगड़, नैतिर, सिंतड़ा, फड़तोला, खूंटी, भल्या, मटियाल, उपरतोला, घाट, बौतड़ी, सेरा आदि गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। पंचेश्वर बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में बाकायदा इन गांवों को डूब क्षेत्र में दिखाया गया है।
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गुरना में हुई बैठक में कहा गया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक मकसद के लिए बांध के पक्ष और विपक्ष में माहौल बना रहे हैं, लेकिन किसी को भी डूब क्षेत्र के लोगों की असल चिंता नहीं है। कहा गया कि संघर्ष समिति बांध का विरोध नहीं करेगी, वरन समुचित पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार जैसे मुद्दों के लिए आवाज उठाएगी।
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संघर्ष समिति के लिए भगवान सिंह को अध्यक्ष, कैलाश चंद्र पालीवाल को उपाध्यक्ष, बसंत भट्ट को संरक्षक, दीवान सिंह महर को सचिव, गोविंद सिंह सौन को कोषाध्यक्ष, मोहन सिंह मेहता, निर्मला भट्ट, माधो सिंह, बहादुर सिंह, खीम सिंह को सदस्य बनाया गया।