12 से नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी
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विधानसभा के लिए मतदान 15 फरवरी को होगा और दूरदराज की पोलिंग पार्टियों की रवानगी तीन दिन पहले 12 फरवरी से होने लगेगी। उसके बाद निर्वाचन कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाएगी। हालांकि इस समय भी नियंत्रण कक्ष 24 घंटे खुला रहता है, लेकिन असली काम मतदान के समय ही होगा। पोलिंग पार्टी के रवाना होने, उसकी लोकेशन, पहुंचने का समय आदि का पूरा ब्योरा टीमों के रवाना होने के दिन से ही एकत्र किया जाएगा। यदि किसी पोलिंग पार्टी को पैदल रास्ते में किसी प्रकार की कठिनाई होती है तो उस पर भी नियंत्रण कक्ष की नजर रहेगी।
मतदान के दिन प्रत्येक दो घंटे में हर पोलिंग स्टेशन, सेक्टर से मतदान के आंकड़े एकत्र करना, उनको तत्काल राज्य निर्वाचन आयोग को भेजने की जिम्मेदारी भी नियंत्रण कक्ष की है। मतदान के बाद वापस लौटने वाली पोलिंग पार्टियों का पूरा डिटेल रखा जाएगा। मतगणना के दिन तक नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी इसी प्रकार बनी रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने बताया कि नियंत्रण कक्ष 24 घंटे खुला रहता है। इसमें जिम्मेदार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा समय-समय पर उच्चाधिकारी भी नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर रहे हैं। मंगलवार को नियंत्रण कक्ष में भारी व्यस्तता रही।