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नथुली में उलझेंगे बाल, सिपहिया काहे जुल्फें बढ़ाए...
Updated Thu, 01 Mar 2018 10:00 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नगर में बैठकी होली की धूम मची है। विभिन्न रागों पर आधारित होली गीतों को सुनने लोग बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। अब बैठकी होली के गीत भक्ति गीतों से आगे बढ़कर शृृंगार रस की तरफ पहुंचने लगे हैं।
कांग्रेस के प्रदेश मंत्री चंचल चौहान के आवास पर हुई बैठकी होली की शुरुआत भगवती प्रसाद जोशी ने-नथुली में उलझेंगे बाल, सिपहिया काहे जुल्फें बढ़ाए सुनाकर की। ओम प्रकाश वर्मा ने राग काफी पर आधारित-नील वदन घनश्याम रघुवर, सांवरी सूरत मोहनी मूरत, संजय पंत ने राग धमार पर आधारित-सखियां ले आई गुलाल लाल, होरी खेल रहे हैं, नंदनंदन ज्यू से, ललित भंडारी ने जंगला काफी पर आधारित-सारी डार गयो मोपे रंग की गागर, राजकुमार ने सहाना राग पर आधारित-मत रोके मोरी भरी रे गगरिया, संग की सहेली सब दूर निकस गई गीत सुनाया।
होली कार्यक्रम में गिरधर बोरा, कमलेश जेठा, कवींद्र साही, दान सिंह कन्याल, दीपक कन्याल आदि मौजूद थे। यहां पर बैठकी होली एकादशी से शुरू होती है और छरड़ी तक बैठकी होली के कार्यक्रम चलते रहते हैं। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग टोलियां होलीगायन में मस्त हैं।
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कांग्रेस के प्रदेश मंत्री चंचल चौहान के आवास पर हुई बैठकी होली की शुरुआत भगवती प्रसाद जोशी ने-नथुली में उलझेंगे बाल, सिपहिया काहे जुल्फें बढ़ाए सुनाकर की। ओम प्रकाश वर्मा ने राग काफी पर आधारित-नील वदन घनश्याम रघुवर, सांवरी सूरत मोहनी मूरत, संजय पंत ने राग धमार पर आधारित-सखियां ले आई गुलाल लाल, होरी खेल रहे हैं, नंदनंदन ज्यू से, ललित भंडारी ने जंगला काफी पर आधारित-सारी डार गयो मोपे रंग की गागर, राजकुमार ने सहाना राग पर आधारित-मत रोके मोरी भरी रे गगरिया, संग की सहेली सब दूर निकस गई गीत सुनाया।
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होली कार्यक्रम में गिरधर बोरा, कमलेश जेठा, कवींद्र साही, दान सिंह कन्याल, दीपक कन्याल आदि मौजूद थे। यहां पर बैठकी होली एकादशी से शुरू होती है और छरड़ी तक बैठकी होली के कार्यक्रम चलते रहते हैं। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग टोलियां होलीगायन में मस्त हैं।
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