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करवाचौथ ने नए किस्म के बाजार को दिया जन्म
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:07 PM IST
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पिथौरागढ़। करवाचौथ के नजदीक आते ही बाजार खिल गया है। कुछ वर्ष पहले तक करवाचौथ की सामग्री बेचने वाली दुकानों की संख्या दो-चार से ज्यादा नहीं होती थी, लेकिन अब पिथौरागढ़ नगर में ही 150 से ज्यादा दुकानों में करवाचौथ का सामान मिलता है। इनमें सौंदर्य प्रसाधनों के अलावा पूजा के समय उपयोग में आने वाला पानी का घड़ा, दीये, छलनी, कांस के डंडे की भी खूब बिक्री हो रही है। इसके साथ ही व्रत के दिन मिठाई, फल की भी बिक्री होती है।
करवाचौथ ने पहाड़ पर भी सुहागिन महिलाओं के सबसे बड़े पर्व का स्थान लेना शुरू कर दिया है। यह चूंकि सुहागिन महिलाओं का पर्व है, इसलिए महिलाएं व्रत के दिन शृृंगार करती हैं, इससे ब्यूटी पार्लर वालों का कारोबार भी तेज होने लगता है। नीरज कॉस्मेटिक के मालिक नीरज जोशी का कहना है कि करवाचौथ के लिए पिछले चार दिन से महिलाएं खरीदारी को आ रही हैं।
सुनसान पड़े बाजार में करवाचौथ की वजह से काफी चहल-पहल बढ़ गई है। जिन व्यापारियों के पास सौंदर्य प्रसाधन और करवाचौथ की पूजा सामग्री है, उनका काम बढ़ गया है। इसके अलावा गिफ्ट की दुकानों की बिक्री भी बढ़ी है। नीरज जोशी ने बताया कि करवाचौथ से बाजार में जो चहल-पहल होती है वह दिवाली तक बनी रहती है। ग्रामीण अंचलों की बाजारों में भी करवाचौथ की खरीदारी के लिए महिलाएं निकल रही हैं। कई व्यापारियों ने महिलाओं के लिए छूट में सामान देने की व्यवस्था भी की है।
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करवाचौथ ने पहाड़ पर भी सुहागिन महिलाओं के सबसे बड़े पर्व का स्थान लेना शुरू कर दिया है। यह चूंकि सुहागिन महिलाओं का पर्व है, इसलिए महिलाएं व्रत के दिन शृृंगार करती हैं, इससे ब्यूटी पार्लर वालों का कारोबार भी तेज होने लगता है। नीरज कॉस्मेटिक के मालिक नीरज जोशी का कहना है कि करवाचौथ के लिए पिछले चार दिन से महिलाएं खरीदारी को आ रही हैं।
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सुनसान पड़े बाजार में करवाचौथ की वजह से काफी चहल-पहल बढ़ गई है। जिन व्यापारियों के पास सौंदर्य प्रसाधन और करवाचौथ की पूजा सामग्री है, उनका काम बढ़ गया है। इसके अलावा गिफ्ट की दुकानों की बिक्री भी बढ़ी है। नीरज जोशी ने बताया कि करवाचौथ से बाजार में जो चहल-पहल होती है वह दिवाली तक बनी रहती है। ग्रामीण अंचलों की बाजारों में भी करवाचौथ की खरीदारी के लिए महिलाएं निकल रही हैं। कई व्यापारियों ने महिलाओं के लिए छूट में सामान देने की व्यवस्था भी की है।
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