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चारागाह की भूमि पर न हो पुनर्वास
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धारचूला (पिथौरागढ़)। विकास खंड के तंता गांव, रौतों और धारपांगू के ग्रामीणों ने पुनर्वास के लिए चारागाह की भूमि को चयनित नहीं करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में उप जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों ने कहा है कि छंछनरी तोक में भूस्खलन के उपरांत पुनर्वास के लिए जो जगह चयनित की है वह पूर्व से ही तंता गांव, रौंतों और बैंकू के लोगों की है। वर्षों से उक्त भूमि को चारागाह के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने छंछनरी के ग्रामीणों के लिए अन्यत्र जगह की तलाश करने की मांग की है।
कहा है कि इसमें ग्रामीणों की भी सहमति ली जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में धारपांगू के प्रधान धीरेंद्र फकलियाल, मोहन सिंह रौतेला, नंदन सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रवेश सिंह रौतेला, हिमांशु रौतेला, जीवन सिंह रौतेला, हिमांशु रौतेला, ललित मोहन सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने कहा है कि छंछनरी तोक में भूस्खलन के उपरांत पुनर्वास के लिए जो जगह चयनित की है वह पूर्व से ही तंता गांव, रौंतों और बैंकू के लोगों की है। वर्षों से उक्त भूमि को चारागाह के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने छंछनरी के ग्रामीणों के लिए अन्यत्र जगह की तलाश करने की मांग की है।
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कहा है कि इसमें ग्रामीणों की भी सहमति ली जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में धारपांगू के प्रधान धीरेंद्र फकलियाल, मोहन सिंह रौतेला, नंदन सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रवेश सिंह रौतेला, हिमांशु रौतेला, जीवन सिंह रौतेला, हिमांशु रौतेला, ललित मोहन सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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