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बदहाली पर आंसू बहा रही झील
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:24 PM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)।
लाखों रुपये खर्च कर बनी झील बदहाली पर आंसू बहा रही है। संरक्षण के अभाव में झील में पूरी तरह से मलबा भर गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई यह झील अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है।
जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर बड़ालू में वर्ष 2008 में झील निर्माण का काम शुरू हुआ था। योजना के तहत 24 मीटर लंबी और 27 मीटर चौड़ी झील के लिए दस लाख रुपये स्वीकृत हुए। शुरूआत में बीएडीपी से पांच लाख रुपये स्वीकृत हुए। इसके बाद राज्यांश से दो लाख और मनरेगा से तीन लाख रुपये अलग अलग समय में जारी हुए। झील बनने में आठ साल का समय लगा। जबकि झील को एक साल में ही पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया था।
दिसंबर 2016 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। जनवरी 2017 में झील का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद झील के रख रखाव में कोई ध्यान नहीं दिया गया। यही वजह रही कि ये झील पर्यटकों को लुभाने में नाकाम रही। वर्तमान में झील में काफी मलबा भरा हुआ है। मूनाकोट के खंड विकास विकास अधिकारी श्याम चंद का कहना है कि झील की साफ सफाई के लिए एक लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही झील के मलबे को साफ कर लिया जाएगा।
लाखों रुपये खर्च कर बनी झील बदहाली पर आंसू बहा रही है। संरक्षण के अभाव में झील में पूरी तरह से मलबा भर गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई यह झील अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है।
जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर बड़ालू में वर्ष 2008 में झील निर्माण का काम शुरू हुआ था। योजना के तहत 24 मीटर लंबी और 27 मीटर चौड़ी झील के लिए दस लाख रुपये स्वीकृत हुए। शुरूआत में बीएडीपी से पांच लाख रुपये स्वीकृत हुए। इसके बाद राज्यांश से दो लाख और मनरेगा से तीन लाख रुपये अलग अलग समय में जारी हुए। झील बनने में आठ साल का समय लगा। जबकि झील को एक साल में ही पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया था।
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दिसंबर 2016 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। जनवरी 2017 में झील का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद झील के रख रखाव में कोई ध्यान नहीं दिया गया। यही वजह रही कि ये झील पर्यटकों को लुभाने में नाकाम रही। वर्तमान में झील में काफी मलबा भरा हुआ है। मूनाकोट के खंड विकास विकास अधिकारी श्याम चंद का कहना है कि झील की साफ सफाई के लिए एक लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही झील के मलबे को साफ कर लिया जाएगा।
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