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विकास में रुकावट बने खाली पद
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले में ग्राम्य विकास विभाग में अधिकारियों समेत 70 कार्मिकों के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। इससे गांवों का विकास प्रभावित हो रहा है। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। नियुक्त कार्मिकों पर कामकाज का भार पड़ रहा है। इससे कार्मिकों के प्रदर्शन की गुणवत्ता में भी गिरावट आ रही है। शासन रिक्त पदों पर नियुक्तियों के प्रति उदासीन बना है।
ग्राम्य विकास ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की धुरी है। विभाग के जरिये कई लोक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना से लेकर सीमांत क्षेत्र विकास निधि, विधायक निधि, सांसद निधि तक योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी विभाग पर होती है।
इसके अलावा भी केंद्र, राज्य और जिला मदों में बनी योजनाओं का जिम्मा होता है। ग्राम्य विकास विभाग ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाता है। इसके इतर पिथौरागढ़ जिले में ग्राम्य विकास विभाग के बीडीओ से लेकर, सहायक खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, लेखाकार समेत 70 पद खाली पड़े हैं। जिले में खंड विकास अधिकारी के चार, सहायक अधिकारी के दो, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के 17, लेखाकार के आठ, सहायक लेखाकार के छह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के दो और अनुसेवक से लेकर चालक और चौकीदार तक 31 पद खाली हैं। इस कारण अधिकारी और कर्मचारियों पर कामकाज का भार पड़ रहा है। ग्राम्य विकास विभाग में कुल 219 पद स्वीकृत हैं।
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ग्राम्य विकास में कई पद रिक्त हैं। इससे सामान्य कामकाज से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है। शासन को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। -गोपाल गिरी, डीडीओ, पिथौरागढ़
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ग्राम्य विकास ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की धुरी है। विभाग के जरिये कई लोक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना से लेकर सीमांत क्षेत्र विकास निधि, विधायक निधि, सांसद निधि तक योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी विभाग पर होती है।
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इसके अलावा भी केंद्र, राज्य और जिला मदों में बनी योजनाओं का जिम्मा होता है। ग्राम्य विकास विभाग ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाता है। इसके इतर पिथौरागढ़ जिले में ग्राम्य विकास विभाग के बीडीओ से लेकर, सहायक खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, लेखाकार समेत 70 पद खाली पड़े हैं। जिले में खंड विकास अधिकारी के चार, सहायक अधिकारी के दो, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के 17, लेखाकार के आठ, सहायक लेखाकार के छह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के दो और अनुसेवक से लेकर चालक और चौकीदार तक 31 पद खाली हैं। इस कारण अधिकारी और कर्मचारियों पर कामकाज का भार पड़ रहा है। ग्राम्य विकास विभाग में कुल 219 पद स्वीकृत हैं।
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ग्राम्य विकास में कई पद रिक्त हैं। इससे सामान्य कामकाज से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ रहा है। शासन को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। -गोपाल गिरी, डीडीओ, पिथौरागढ़