{"_id":"59ea29f64f1c1b87698b685e","slug":"101508518390-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली की रात दो घर बिजली से जगमगाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली की रात दो घर बिजली से जगमगाए
Updated Fri, 20 Oct 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। आजादी के 70 साल बाद सीमांत के दूरस्थ बुई पातो गांव में बिजली की लाइन पहुंच गई। बृहस्पतिवार की रात दो घर बिजली से रोशन हो गए। अब गांव के लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही सभी घरों में बिजली के संयोजन लग जाएंगे।
अब तक विद्युतीकरण से वंचित इस गांव को पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से जोड़ने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा था। ठेकेदार के सुस्त गति से काम करने के कारण अभी गांव के सभी घरों को बिजली का संयोजन नहीं मिल पाया है। अलबत्ता गांव में बिजली की लाइन पहुंचने से लोग खुश हैं।
केंद्र सरकार ने बिजली से वंचित गांवों को पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से जोड़ने का फैसला लिया था। बुई पातो गांव का चयन भी इसके लिए किया गया। विद्युत विभाग ने एक साल पहले गांव को बिजली की सुविधा देने के लिए काम शुरू किया। गांव तक करीब सात किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन बिछाई गई। विद्युत विभाग ने यह योजना तैयार की थी कि दिवाली से पहले पूरे गांव को बिजली से रोशन कर दिया जाएगा, लेकिन ठेकेदार ने इस मंशा को पूरा नहीं होने दिया। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा भी है। बुई पातो गांव में कुल 180 परिवार रहते हैं। बृहस्पतिवार रात शांति देवी और त्रिलोक सिंह के घर बिजली से रोशन हो पाए।
विज्ञापन
बुई पातो निवासी मनोहर दरियाल, हरीश दरियाल, लक्ष्मण ज्येष्ठा, राम सिंह गनघरिया, बाला सिंह का कहना है कि यदि ठेकेदार तेजी से काम करता तो इस दिवाली में लोगों को रोशनी का बेहतरीन तोहफा मिल जाता। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कहा कि जितने परिवारों ने विद्युत संयोजन के लिए आवेदन किया है, उन्हें शीघ्र संयोजन दिए जाएं, ताकि सभी लोगों को बिजली सुविधा का लाभ मिल सके। साथ ही वंचित इस गांव को बिजली की सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।
विज्ञापन
अब तक विद्युतीकरण से वंचित इस गांव को पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से जोड़ने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा था। ठेकेदार के सुस्त गति से काम करने के कारण अभी गांव के सभी घरों को बिजली का संयोजन नहीं मिल पाया है। अलबत्ता गांव में बिजली की लाइन पहुंचने से लोग खुश हैं।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने बिजली से वंचित गांवों को पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से जोड़ने का फैसला लिया था। बुई पातो गांव का चयन भी इसके लिए किया गया। विद्युत विभाग ने एक साल पहले गांव को बिजली की सुविधा देने के लिए काम शुरू किया। गांव तक करीब सात किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन बिछाई गई। विद्युत विभाग ने यह योजना तैयार की थी कि दिवाली से पहले पूरे गांव को बिजली से रोशन कर दिया जाएगा, लेकिन ठेकेदार ने इस मंशा को पूरा नहीं होने दिया। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा भी है। बुई पातो गांव में कुल 180 परिवार रहते हैं। बृहस्पतिवार रात शांति देवी और त्रिलोक सिंह के घर बिजली से रोशन हो पाए।
विज्ञापन
बुई पातो निवासी मनोहर दरियाल, हरीश दरियाल, लक्ष्मण ज्येष्ठा, राम सिंह गनघरिया, बाला सिंह का कहना है कि यदि ठेकेदार तेजी से काम करता तो इस दिवाली में लोगों को रोशनी का बेहतरीन तोहफा मिल जाता। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कहा कि जितने परिवारों ने विद्युत संयोजन के लिए आवेदन किया है, उन्हें शीघ्र संयोजन दिए जाएं, ताकि सभी लोगों को बिजली सुविधा का लाभ मिल सके। साथ ही वंचित इस गांव को बिजली की सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।