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आपदा के बाद सरकारी उपेक्षा सामने आई
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:51 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। रानीखेत के कांग्रेस विधायक करन माहरा ने आपदा प्रभावित मांगती, घट्टाबगड़ और सिमखोला का भ्रमण करने के बाद कहा कि आपदा राहत में सरकारी उपेक्षा खुलकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि सिमखोला में कोई नेता और अधिकारी अब तक नहीं पहुंचा है। मात्र पटवारी को सिमखोला भेजा गया। सरकार ने अपने जिन विधायकों को आपदा प्रभावित क्षेत्र में भेजा था, वह मांगती से आगे नहीं गए। कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने मात्र जिप्ती तक हवाई दौरा किया।
दो दिन पैदल चलकर सिमखोला पहुंचे विधायक करन माहरा ने कहा कि सिमखोला धीरे-धीरे खतरे की जद में आ रहा है। खड़ी फसल नष्ट हो रही है। कई घरों को खतरा हो गया है। उन्होंने कहा कि मालपा और मांगती में 13 अगस्त की देर रात आपदा आई, लेकिन सरकार ने राहत के लिए हेलीकॉप्टर 16 अगस्त को भेजा था। घटना के बाद अब तक मुख्यमंत्री का क्षेत्र में न आना लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र रावत पहले मुख्यमंत्री हैं जो इतनी बड़ी आपदा के बाद भी क्षेत्र में नहीं गए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2013 की आपदा के बाद लोगों के आवागमन के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध करा दी थी।
उन्होंने आपदा के शिकार नेपाली नागरिकों के प्रति अपनाए जा रहे उपेक्षापूर्ण व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि अब तक किसी पीड़ित परिवार को राहत राशि नहीं दी है, जबकि नेपाल के लोग ही मालपा में रास्ता और सड़क बनाने का काम कर रहे हैं। उनके साथ भ्रमण में विधायक प्रतिनिधि नृप सिंह गर्ब्याल, राजेश कुटियाल, आन सिंह रौकाया, दीपक बिष्ट, गणेश धामी आदि थे। मंगलवार को धारचूला पहुंचने पर नगर पालिकाध्यक्ष दशरथी खैर, प्रभा कुटियाल, लक्ष्मी रायपा, अंजु रौंकली, मनीष गर्ब्याल, रमेश बिष्ट आदि ने माहरा के सामने क्षेत्र की समस्या रखी।
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दो दिन पैदल चलकर सिमखोला पहुंचे विधायक करन माहरा ने कहा कि सिमखोला धीरे-धीरे खतरे की जद में आ रहा है। खड़ी फसल नष्ट हो रही है। कई घरों को खतरा हो गया है। उन्होंने कहा कि मालपा और मांगती में 13 अगस्त की देर रात आपदा आई, लेकिन सरकार ने राहत के लिए हेलीकॉप्टर 16 अगस्त को भेजा था। घटना के बाद अब तक मुख्यमंत्री का क्षेत्र में न आना लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र रावत पहले मुख्यमंत्री हैं जो इतनी बड़ी आपदा के बाद भी क्षेत्र में नहीं गए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2013 की आपदा के बाद लोगों के आवागमन के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध करा दी थी।
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उन्होंने आपदा के शिकार नेपाली नागरिकों के प्रति अपनाए जा रहे उपेक्षापूर्ण व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि अब तक किसी पीड़ित परिवार को राहत राशि नहीं दी है, जबकि नेपाल के लोग ही मालपा में रास्ता और सड़क बनाने का काम कर रहे हैं। उनके साथ भ्रमण में विधायक प्रतिनिधि नृप सिंह गर्ब्याल, राजेश कुटियाल, आन सिंह रौकाया, दीपक बिष्ट, गणेश धामी आदि थे। मंगलवार को धारचूला पहुंचने पर नगर पालिकाध्यक्ष दशरथी खैर, प्रभा कुटियाल, लक्ष्मी रायपा, अंजु रौंकली, मनीष गर्ब्याल, रमेश बिष्ट आदि ने माहरा के सामने क्षेत्र की समस्या रखी।
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