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महाकाली मंदिर में 100 किलो वजन की घंटी चढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 20 Oct 2017 10:14 PM IST
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गंगोलीहाट महाकाली मंदिर में घंटी चढ़ाते 3 कुमाऊं राइफल्स के जवान
- फोटो : अमर उजाला
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सेना की 3 कुमाऊं राइफल्स के सौ वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर में कुमाऊं राइफल्स की ओर से 100 किलोग्राम वजन वाली कांसे से बनी घंटी चढ़ाई गई। मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ अब कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। कुमाऊं रेजीमेंट की गंगोलीहाट की महाकाली पर अपार आस्था है। खास मौकों पर इस मंदिर में पूजा-अर्चना की जाती है। 3 कुमाऊं राइफल्स को 23 अक्तूबर को 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। यह भारतीय सेना की प्रथम कुमाऊंनी बटालियन है। इसमें सभी जवान कुमाऊंनी होते हैं।
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3 कुमाऊं राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल धीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में सूबेदार मेजर प्रकाश चंद्र पंत, नौ जेसीओ और कई जवानों की टीम महाकाली मंदिर पहुंची। बटालियन के सौ वर्ष के कार्यक्रमों के सफलतापूर्वक संपन्न होने के लिए प्रार्थना की गई। मंदिर में आए भक्तों, पूर्व सैनिकों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। बाद में सेना के जवानों ने बैंडवादन भी किया। 3 कुमाऊं राइफल्स की स्थापना 23 अक्तूबर 1917 को हुई थी। अपने सौ साल के इतिहास में इस बटालियन ने वीरता के कई पुरस्कार जीते।
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देवसिंह मैदान में कल कार्यक्रम होंगे
3 कुमाऊं राइफल्स के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में ऐतिहासिक देवसिंह मैदान में 22 अक्तूबर को भव्य कार्यक्रम होंगे। अपरान्ह तीन बजे से होने वाले इन कार्यक्रमों के दौरान सेना के जवान बैंड वादन, डॉगशो जैसे प्रदर्शन करेंगे। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। एसडीएम एसके पांडे को सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। स्टेज निर्माण और लोगों के बैठने की व्यवस्था नगरपालिका को करनी होगी। आयोजन स्थल पर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने कहा कि इस आयोजन का व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि आम लोग और पूर्व सैनिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकें।
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