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पैसे लेकर आपदा पीड़ितों को लाने पर हंगामा
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2013 09:41 AM IST
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निजी हेलीकाप्टर कंपनियों की ओर से पैसे लेकर सुरक्षित लोगों को दून लाने पर छत्तीसगढ़ के लोगों के आरोप के बाद सहस्रधारा हेलीपैड पर हंगामा हो गया।
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यहां मौजूद लोगों ने विरोध किया तो सीओ सदर स्वतंत्र कुमार मामले की जानकारी के लिए इसी दौरान उतरे हेलीकाप्टर के पायलट जगजीत सिंह पालीवाल के पास जानकारी लेने के लिए गए। सीओ के पैसे लेने के बारे में पूछताछ पर पायलट से विवाद हो गया। गालीगलौच के के बाद खींचातानी तक की नौबत आ गई। मौके पर पहुंचे अन्य पुलिस कर्मियों ने स्थिति संभाली।
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आपदा पीड़ित से वसूलने लगे पैसे
एक नर्सिंगहोम में आपदा पीड़ित से पैसा वसूले जाने पर हंगामा हो गया। मसूरी विधायक गणेश जोशी ने डाक्टर को डांटा कि आपदा पीड़ितों से पैसा वसूलने पर रोक है। रविवार को आपदा पीड़ित पार्वती, हीरा, जतनास भवरी, बलदेव को सैनिक कल्याण गेस्ट हाउस में ठहराया गया।
वे राजस्थान के रहने वाले हैं। महिला की तबियत बिगड़ने पर उसे नर्सिंगहोम ले जाया गया। इस मौके पर पूरन सिंह, ज्योति कोटिया, रोहन घिल्डियाल, सिकंदर सिंह, अनुज रोहिला रहे।
टूरिस्ट गाइड ने पैसे नहीं लिए
रविवार को दून स्थिति सहस्रधारा हेलीपैड पहुंचे असम गुवाहाटी के दस सदस्य परिवार ने बताया कि बारिश में वह यमुनोत्री में फंसे थे। पैदल रास्ते पर 14 जून को जाने के लिए उन्हें 500 रुपये प्रति यात्री पालकी मिल गई थी। लेकिन बारिश के बाद तबाही हुई, लोग नीचे आने के लिए भागने लगे तो एक पालकी के लिए उन्हें 4000 रुपये चुकाने पड़े। नीचे पहुंचे तो होटल खाली थे।
अभी भूला नहीं है तबाही का मंजर
रहने के लिए कमरा तो मिल गया, लेकिन खाने के लिए उसमें कुछ नहीं था। एक व्यक्ति से 80 रुपये के चावल खरीदकर बिना नमक के पकाकर इस परिवार ने एक समय पेट भरा। यहां से स्थानीय टूरिस्ट गाइड की मदद से जानकीचट्टी तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि पैसे नहीं थे, लेकिन फिर भी टूरिस्ट ने बिना पैसे लिए उन्हें पैदल हर्षिल तक पहुंचाया।