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चौरासी कुटिया में 'बीटल्स' की धुनों को ढूंढते हैं विदेशी!
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Tue, 01 Oct 2013 07:35 PM IST
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स्वर्गाश्रम क्षेत्र में राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत पड़ने वाली चौरासी कुटिया (शंकराचार्य नगर) विदेशी पर्यटकों के लिए दशकों से आकर्षण का केंद्र रही है।
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हालांकि करीब डेढ़ दशक पहले इसके पार्क परिधि में आने के बाद से इसमें लोगों का प्रवेश वर्जित है। मगर फिर भी एकांत प्रिय कई विदेशी सैलानी, साधक यहां प्रवेश कर जाते थे।
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इन दिनों पार्क प्रशासन द्वारा इस पर सख्ती बरती जा रही है, लिहाजा यहां आने वाले पर्यटकों को बंद गेट से मायूस लौटना पड़ रहा है। विश्व में भावातीत ध्यान के प्रणेता महर्षि महेश योगी की स्वर्गाश्रम स्थित चौरासी कुटिया बीती सदी के अंतिम दशक तक संचालित होती रही हैं।
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बीटल्स ने खींचे सैलानी
1968 में विश्व प्रसिद्ध बीटल्स बैंड के सदस्यों के यहां आने के बाद से विदेशों में इस केंद्र की ख्याति बढ़ने के बाद से तीर्थनगरी में विदेशियों की आमद बढ़ी। बीटल्स के सदस्यों के लंबे समय तक चौरासी कुटिया में रहने के बाद से इस आश्रम को बीटल्स आश्रम भी कहा जाने लगा था।
1995 से उक्त क्षेत्र राजाजी नेशनल पार्क के अधिकार क्षेत्र में है। हालांकि इसके बाद भी क्षेत्र में भ्रमण के लिए विदेशी पर्यटकों का आवागमन होता रहा है। कुछ दिनों से परिसर में पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
बीटल्स की याद में खिंचे चले आते हैं पर्यटक
चौरासी कुटिया घूमने की उम्मीद से आए इजराइल निवासी इलन, अलोन, योहतान, सहानी ने बताया कि हमने आश्रम के बारे में काफी कुछ सुना है। लिहाजा यहां के बारे में अधिक जानकारी जुटाने और करीब से जानने के लिए हम आश्रम परिसर में घूमने के लिए आए थे। लेकिन यहां ताला लगा है। फारेस्ट अधिकारियों से भी आग्रह किया, मगर प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।
उधर, गौहरी रेंज अधिकारी सीबी ध्यानी ने बताया कि पार्क क्षेत्र में प्रवेश वर्जित है, लिहाजा आश्रम में किसी को घूमने की अनुमति नहीं है।