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जो हो नहीं सका: छह साल बाद भी नहीं सुधरी आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग की दशा
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श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाले लक्षमोली-तल्याकोट मोटरमार्ग की दशा न सुधारे जाने पर क्षेत्र के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस तंग और कच्चे मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं की संभावनाएं बनी हुई हैं।
क्षेत्र के डांग, खोला, पाटियों तल्याकोट व जखेड़ आदि गांवों को लक्षमोली तथा हिंसरियाखाल से जोड़ने के लिए लक्ष्मोली-तल्याकोट मोटर मार्ग का निर्माण किया गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हिंसरियाखाल से खोला तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पक्की सड़क का निर्माण किया गया है।
यहां लक्ष्मोली से डांग तक भी करीब चार किलोमीटर मार्ग पक्का है लेकिन खोला से डांग गांव तक मार्ग का करीब दो किलोमीटर भाग संकरा और कच्चा है। जिस कारण मार्ग पर आए दिन लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि मार्ग के जिस भाग का अभी तक डामरीकरण नहीं किया गया है उसका निर्माण वर्ष 2017-18 में विधायक निधि से करवाया गया था। यह मार्ग कई स्थानों पर अत्यधिक खतरनाक है जिस कारण लोग इस पर सफर करने से डरते हैं। मजबूरन उन्हें तीन गुना दूरी तय कर हिंंसरियाखाल होकर आना जाना पड़ता है। मार्ग की दशा सुधरने से वह आसानी से लक्षमोली आ जा सकते हैं।
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मोटर मार्ग के बीच का करीब दो किलोमीटर भाग विधायक निधि से काटा गया है। मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द कार्रवाई कर समस्या को हल किया जाएगा।
आरिफ खान, अधिशासी अभियंता लोनिवि कीर्तिनगर।
क्षेत्र के डांग, खोला, पाटियों तल्याकोट व जखेड़ आदि गांवों को लक्षमोली तथा हिंसरियाखाल से जोड़ने के लिए लक्ष्मोली-तल्याकोट मोटर मार्ग का निर्माण किया गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हिंसरियाखाल से खोला तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पक्की सड़क का निर्माण किया गया है।
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यहां लक्ष्मोली से डांग तक भी करीब चार किलोमीटर मार्ग पक्का है लेकिन खोला से डांग गांव तक मार्ग का करीब दो किलोमीटर भाग संकरा और कच्चा है। जिस कारण मार्ग पर आए दिन लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि मार्ग के जिस भाग का अभी तक डामरीकरण नहीं किया गया है उसका निर्माण वर्ष 2017-18 में विधायक निधि से करवाया गया था। यह मार्ग कई स्थानों पर अत्यधिक खतरनाक है जिस कारण लोग इस पर सफर करने से डरते हैं। मजबूरन उन्हें तीन गुना दूरी तय कर हिंंसरियाखाल होकर आना जाना पड़ता है। मार्ग की दशा सुधरने से वह आसानी से लक्षमोली आ जा सकते हैं।
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मोटर मार्ग के बीच का करीब दो किलोमीटर भाग विधायक निधि से काटा गया है। मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द कार्रवाई कर समस्या को हल किया जाएगा।
आरिफ खान, अधिशासी अभियंता लोनिवि कीर्तिनगर।

THAR SUV बनी आग का गोला

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