फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   Was haunted by fear of embezzlement

सता रहा था गबन के आरोप का डर

Tue, 23 Jul 2019 10:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2019 10:36 PM IST
विज्ञापन
Was haunted by fear of embezzlement
तहसील पौड़ी के फलस्वाड़ी गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान को गबन के आरोप का डर सता रहा था। पंचायत में स्वजल विभाग के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य हो रहे थे। विभागीय निरीक्षण में कार्यों के पूर्ण न होने और गुणवत्ता में कमी पाई गई थी। विभाग ने कार्य पूर्ण करने या धनराशि विभाग को लौटाने का नोटिस दिया था, लेकिन निवर्तमान प्रधान ने न तो कार्य पूर्ण किए और न ही धनराशि ही विभाग को लौटाई। इस बीच विगत रविवार की रात को उसने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली थी।
विज्ञापन

निवर्तमान प्रधान दीपक कुमार ने सुसाइड नोट में स्वजल विभाग के कार्यों के दबाव को खुदकुशी की वजह बताया था। इस संबंध में परियोजना प्रबंधक स्वजल दीपक रावत ने बताया कि फलस्वाड़ी गांव में उपभोक्ता पेयजल एवं स्वच्छता उप समिति के माध्यम से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य किए जा रहे थे। इसके लिए ग्राम पंचायत की उपभोक्ता पेयजल एवं स्वच्छता उप समिति को कार्यदायी संस्था बनाया गया था, जिसका अध्यक्ष ग्राम पंचायत का प्रधान होता है। पंचायत में नालियों का निर्माण, खाद गड्ढे, सोखता गड्ढा और कूड़ाघर बनाया जाना था। विभाग ने निर्माण कार्यों के लिए पंचायत को दो किस्तों में 5 लाख 4 हजार रुपये की धनराशि दी। पंचायत में कार्यों का मूल्यांकन किए जाने पर कार्य 3 लाख 77 हजार 71 रुपए की लागत के पाए गए। मामले में निवर्तमान ग्राम प्रधान को कार्य पूर्ण करने या शेष राशि 1 लाख 26 हजार 929 रुपए विभाग को लौटाए जाने का नोटिस दिया था। निवर्तमान प्रधान ने विभाग से 25 दिनों का समय मांग कार्य पूर्ण किए जाने की बात कही, लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्यों को पूर्ण नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed