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उत्तराखंड के माटी की खुशबू अमेरिका से दुनिया में बिखेरेगी अपनी महक
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पौड़ी। उत्तराखंड की माटी की खुशबू अब अमेरिका से पूरी दुनिया में अपनी महक बिखेरेगी। पौड़ी गढ़वाल जिले के बुजुर्ग किसान की मेहनत पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ को आस्कर फिल्म महोत्सव में एंट्री मिल गई है। ‘मोतीबाग’ अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित लॉस एंजलिस शहर में प्रदर्शित होगी।
उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पौड़ी गढ़वाल जिला बसा है। जिले के विकास खंड कल्जीखाल स्थित सांगुडा गांव में बुजुर्ग किसान विद्या दत्त शर्मा विगत 52 वर्षों से पहाड़ की सजीवता को संजोए हुए हैं। गांव के इस बुजुर्ग के जीवन संघर्ष को डॉक्यूमेंट्री फिल्म में पिरोया गया है, जिसका नाम ‘मोतीबाग’ है। फिल्म में पहाड़ के पलायन, पर्यावरण, जल संरक्षण को लेकर बुजुर्ग की जीवटता को मार्मिक रूप से सामने रखा गया है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ ने देश के कोने-कोने में लोक जीवन को दिखाया। केरल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म महोत्सव में ‘मोतीबाग’ को प्रथम पुरस्कार मिला। डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल व बुजुर्ग विद्या दत्त के पुत्र त्रिभुवन उनियाल ने बताया कि फिल्म ‘मोतीबाग’ को आस्कर के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत से चयनित दो फिल्मों में यह उत्तराखंड से पहली डॉक्यूमेंट्री फिल्म है।
पहाड़ की माटी में रचे-बचे रंग, धरती पुत्र के जीवन संघर्ष पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ आस्कर के लिए चयनित हुई है। उत्तराखंड के लिए यह गौरव का क्षण है। हमें पूरी उम्मीद है कि ‘मोतीबाग’ की महक आस्कर पुरस्कार के रूप में अनमोल सौगात लेकर आएगी।
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-गणेश वीरान, प्रसिद्ध गढ़वाली फिल्म निर्देशक
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उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पौड़ी गढ़वाल जिला बसा है। जिले के विकास खंड कल्जीखाल स्थित सांगुडा गांव में बुजुर्ग किसान विद्या दत्त शर्मा विगत 52 वर्षों से पहाड़ की सजीवता को संजोए हुए हैं। गांव के इस बुजुर्ग के जीवन संघर्ष को डॉक्यूमेंट्री फिल्म में पिरोया गया है, जिसका नाम ‘मोतीबाग’ है। फिल्म में पहाड़ के पलायन, पर्यावरण, जल संरक्षण को लेकर बुजुर्ग की जीवटता को मार्मिक रूप से सामने रखा गया है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ ने देश के कोने-कोने में लोक जीवन को दिखाया। केरल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म महोत्सव में ‘मोतीबाग’ को प्रथम पुरस्कार मिला। डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल व बुजुर्ग विद्या दत्त के पुत्र त्रिभुवन उनियाल ने बताया कि फिल्म ‘मोतीबाग’ को आस्कर के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत से चयनित दो फिल्मों में यह उत्तराखंड से पहली डॉक्यूमेंट्री फिल्म है।
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पहाड़ की माटी में रचे-बचे रंग, धरती पुत्र के जीवन संघर्ष पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ आस्कर के लिए चयनित हुई है। उत्तराखंड के लिए यह गौरव का क्षण है। हमें पूरी उम्मीद है कि ‘मोतीबाग’ की महक आस्कर पुरस्कार के रूप में अनमोल सौगात लेकर आएगी।
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-गणेश वीरान, प्रसिद्ध गढ़वाली फिल्म निर्देशक