पिछले 15 महीनों के वेतन का भुगतान करने की मांग के लिए आमरण अनशन पर बैठे सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) देवप्रयाग के संविदा कर्मियों में से दो महिला स्वास्थ्यकर्मियों की तबियत अचानक बिगड़ गई। महिला कर्मचारियों का रक्तचाप बढ़ने के साथ ही लगातार उल्टियां भी हुई। इसके बावजूद आमरण अनशन खत्म करवाने नई टिहरी से पहुंची डिप्टी सीएमओ के अनुरोध को उन्होंने ठुकरा दिया। अनशन पर बैठे संविदा कर्मियों ने वेतन भुगतान का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अनशन तोड़ने की बात कही।
सीएचसी देवप्रयाग के छह संविदा कर्मी 15 महीनों का वेतन न मिलने पर शुक्रवार से बस अड्डे स्थित यात्री प्रतीक्षालय में आमरण अनशन पर बैठ गए थे। शुक्रवार रात अचानक शशि मिश्रा व मोहनी रावत का रक्तचाप बढ़ गया। उन्हें उल्टियां होती रही। शनिवार सुबह सीएचसी की डॉ. पद्मिनी गुप्ता ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने सभी की स्थिति सामान्य बताई। वहीं, नई टिहरी से डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपा रूपाली संविदा कर्मियों से वार्ता करने पहुंची। उन्होंने जल्दी वेतन भुगतान करने का आश्वासन देते हुए कहा कि सोमवार तक मामला हल हो जाएगा। अनशनकारियों ने लिखित आश्वासन की मांग की, तो डा. रुपाली ने मना कर दिया। जिस पर अनशनकारियों ने साफ कह दिया कि जब तक वेतन भुगतान नहीं होता या लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक अनशन जारी रहेगा।