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आजादी से पूर्व के नगर निकाय में नहीं है ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था अलकनंदा नदी किनारे किया जा रहा कूड़ा डंप
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श्रीनगर में नगर निगम के अस्थाई ट्रंचिंग ग्राउंड में ऐसे जल रहा है कूड़ा
- फोटो : SHRINAGAR
नगर निकाय श्रीनगर (वर्तमान में नगर निगम) में आज तक स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं हो पाई है। क्षेत्र का कूड़ा अलकनंदा नदी किनारे बस्ती के समीप डंप किया जा रहा है। बदबू और गंदगी के चलते स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। हालांकि स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए शासन ने 5.88 करोड़ अवमुक्त भी किए हैं, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
लगभग तीन साल पूर्व नगर पालिका श्रीनगर के 9 वार्डों से प्रतिदिन 6 से 7 टन कूड़ा एकत्रित होता था। बाद में नगर पालिका का विस्तार श्रीकोट, डांग और उफल्डा तक हो गया। जिसके बाद 14 वार्डों से प्रतिदिन 10 से 11 टन कूड़ा उठने लगा। यह सारा कूड़ा अलकनंदा नदी किनारे नए बस अड्डे के समीप खाली जमीन में डंप किया जाता है। हालांकि समस्या का समाधान करने के लिए लगभग तीन साल पूर्व गिरगांव के समीप ट्रंचिंग ग्राउंड स्वीकृत किया था। एक साल पूर्व चहारदीवारी भी बन गई, लेकिन इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ा। जबकि शासन ने 7.08 करोड़ की डीपीआर को मंजूरी देते हुए 5.88 करोड़ की धनराशि अवमुक्त भी कर दी।
-स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण संबंधी कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्माण हेतु दो माह पूर्व शासन को प्रस्ताव स्वीकृति (आरएफपी) की फाइल भेजी जा चुकी है। आरएफपी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया चलाने के साथ ही पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण इकाई से प्लांट स्थापना की अनुमति मांगी जाएगी। अस्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा हटाने के लिए 92 लाख रुपये की मांग की गई है। -शशि पंवार, स्वास्थ्य निरीक्षक नगर निगम श्रीनगर
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लगभग तीन साल पूर्व नगर पालिका श्रीनगर के 9 वार्डों से प्रतिदिन 6 से 7 टन कूड़ा एकत्रित होता था। बाद में नगर पालिका का विस्तार श्रीकोट, डांग और उफल्डा तक हो गया। जिसके बाद 14 वार्डों से प्रतिदिन 10 से 11 टन कूड़ा उठने लगा। यह सारा कूड़ा अलकनंदा नदी किनारे नए बस अड्डे के समीप खाली जमीन में डंप किया जाता है। हालांकि समस्या का समाधान करने के लिए लगभग तीन साल पूर्व गिरगांव के समीप ट्रंचिंग ग्राउंड स्वीकृत किया था। एक साल पूर्व चहारदीवारी भी बन गई, लेकिन इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ा। जबकि शासन ने 7.08 करोड़ की डीपीआर को मंजूरी देते हुए 5.88 करोड़ की धनराशि अवमुक्त भी कर दी।
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-स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण संबंधी कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्माण हेतु दो माह पूर्व शासन को प्रस्ताव स्वीकृति (आरएफपी) की फाइल भेजी जा चुकी है। आरएफपी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया चलाने के साथ ही पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण इकाई से प्लांट स्थापना की अनुमति मांगी जाएगी। अस्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा हटाने के लिए 92 लाख रुपये की मांग की गई है। -शशि पंवार, स्वास्थ्य निरीक्षक नगर निगम श्रीनगर
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