{"_id":"622b57065cb7dd7c6607ed9e","slug":"students-leaving-the-room-on-hearing-the-siren-shrinagar-news-drn4061458195","type":"story","status":"publish","title_hn":"सायरन की आवाज सुनते ही छात्र छोड़ रहे कक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सायरन की आवाज सुनते ही छात्र छोड़ रहे कक्ष
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेल परियोजना के सुरंग निर्माण में किए जा रहे भारी विस्फोटकों के प्रयोग से आसपास के गांवों के लोगों और छात्र में दहशत है। विस्फोट के दौरान कंपन पैदा होने से स्कूली छात्रों और ग्रामीणों को दहशत के मारे कमरा छोड़ कर खुले में जाना पड़ रहा है, जबकि भवनों में दरारें पड़ने के साथ ही प्लास्टर भी गिरने लगा है।
विकास खंड कोट के जनासू गांव के पास रेल परियोजना की सुरंग का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। जोकि जीआईसी और राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय खंदूखाल के नीचे से गुजर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरंग निर्माण में भारी विस्फोटकों का प्रयोग हो रहा है। जिस कारण उनके भवनों में दरारें आ चुकी है। वहीं जीआईसी खंदूखाल के अध्यापक देवेंद्र उनियाल ने बताया कि विद्यालय भवन करीब 30 वर्ष पुराना है। मात्र दो कमरे ही नए बनाए गए हैं। रेल परियोजना के सुरंग निर्माण में किए जा रहे विस्फोटकों के कंपन से क्षत का प्लास्टर गिर रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लॉस्ट से पहले कार्यदायी एजेंसी की ओर से सायरन बजाया जाता है। सायरन की आवाज सुनते ही छात्र-छात्राओं को डर के मारे कक्ष-कक्षा छोड़कर बाहर खुले में आना पड़ता है। जबकि विस्फोट के दौरान भारी कंपन से विद्यालय के कक्ष-कक्षों के छत का प्लास्टर गिरने लगा है। बच्चों को खतरा पैदा होने के साथ ही उनके पठन पाठन में भी व्यवधान पैदा हो रहा है।
-इस संबंध में किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर शीघ्र ही टीम को निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद हर संभव उपाय किए जाएंगे। -पीपी बडोगा, डीजीएम, आरवीएनएल श्रीनगर।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास खंड कोट के जनासू गांव के पास रेल परियोजना की सुरंग का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। जोकि जीआईसी और राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय खंदूखाल के नीचे से गुजर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरंग निर्माण में भारी विस्फोटकों का प्रयोग हो रहा है। जिस कारण उनके भवनों में दरारें आ चुकी है। वहीं जीआईसी खंदूखाल के अध्यापक देवेंद्र उनियाल ने बताया कि विद्यालय भवन करीब 30 वर्ष पुराना है। मात्र दो कमरे ही नए बनाए गए हैं। रेल परियोजना के सुरंग निर्माण में किए जा रहे विस्फोटकों के कंपन से क्षत का प्लास्टर गिर रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लॉस्ट से पहले कार्यदायी एजेंसी की ओर से सायरन बजाया जाता है। सायरन की आवाज सुनते ही छात्र-छात्राओं को डर के मारे कक्ष-कक्षा छोड़कर बाहर खुले में आना पड़ता है। जबकि विस्फोट के दौरान भारी कंपन से विद्यालय के कक्ष-कक्षों के छत का प्लास्टर गिरने लगा है। बच्चों को खतरा पैदा होने के साथ ही उनके पठन पाठन में भी व्यवधान पैदा हो रहा है।
विज्ञापन
-इस संबंध में किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर शीघ्र ही टीम को निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद हर संभव उपाय किए जाएंगे। -पीपी बडोगा, डीजीएम, आरवीएनएल श्रीनगर।
विज्ञापन