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राजू ने पिता को जिंदा करने के लिए सिद्धबाबा को दिए खिलौने
कोटद्वार
Updated Sat, 28 Nov 2015 09:21 PM IST
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क्षेत्र के प्रसिद्ध सिद्धबली बाबा की कहानी पर आधारित हिंदी और तमिल में बनने वाली बड़े पर्दे की फिल्म ‘राजू बजरंगी’ की शूटिंग के दूसरे दिन सिद्धपीठ सिद्धबली बाबा के मंदिर में फिल्म के कई दृश्य फिल्माए गए। फिल्म अभिनेता हेमंत पांडे और उनके सहयोगी कलाकारों ने अपने शॉट दिए। शनिवार को शूटिंग देखने वालों की भीड़ लगी रही। लोगों को कंट्रोल करने में यूनिट की टीम को पसीना बहाना पड़ा।
सिद्धबली प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बन रही फिल्म की यूनिट सुबह श्री सिद्धबली बाबा मंदिर पहुंची। डायरेक्टर मनोज शर्मा के निर्देशन में मंदिर से संबंधित कई दृश्य फिल्माए गए। पहले दृश्य में सिद्धबली का पुजारी बाबा की आरती करते समय मूर्छित होकर गिर पड़ता है और उसकी मौत हो जाती है। छोटा बच्चा राजू इसका दोष सिद्धबली बाबा को देता है और गुस्से में मंदिर में पहुंचता है। वह भगवान को अपने पूरे खिलौने देता है और इसके बदले उसके पिता को जिंदा करने की गुहार लगाता है। राजू के पिता ठीक नहीं होने पर वह बाहर से पत्थर उठाकर लाता है और सिद्धबाबा की मूर्ति पर मार देता है। पत्थर लगते ही मूर्ति से खून निकलने लगता है, मंदिर में मौजूद श्रद्धालु यह दृश्य देेखते ही दंग रह जाते हैं और सिद्धबाबा के प्रकोप से भयभीत हो जाते हैं, मूर्ति से खून निकलते देख राजू भाग जाता है। श्रद्धालु उसे पकड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन नहीं पकड़ पाते।
इस दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर शिव नारायण सिंह रावत ‘शिब्बू’, मुख्य कैमरा मैन श्रवणन, सहायक कैमरा मैन मनीष मिश्रा, सुधीर, अश्विन मिश्रा, पनीष मांडे, रफीक अहमद, निर्देशक टीम में भारती, नरेश, नजीर आदि मौजूद थे।
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सिद्धबली प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बन रही फिल्म की यूनिट सुबह श्री सिद्धबली बाबा मंदिर पहुंची। डायरेक्टर मनोज शर्मा के निर्देशन में मंदिर से संबंधित कई दृश्य फिल्माए गए। पहले दृश्य में सिद्धबली का पुजारी बाबा की आरती करते समय मूर्छित होकर गिर पड़ता है और उसकी मौत हो जाती है। छोटा बच्चा राजू इसका दोष सिद्धबली बाबा को देता है और गुस्से में मंदिर में पहुंचता है। वह भगवान को अपने पूरे खिलौने देता है और इसके बदले उसके पिता को जिंदा करने की गुहार लगाता है। राजू के पिता ठीक नहीं होने पर वह बाहर से पत्थर उठाकर लाता है और सिद्धबाबा की मूर्ति पर मार देता है। पत्थर लगते ही मूर्ति से खून निकलने लगता है, मंदिर में मौजूद श्रद्धालु यह दृश्य देेखते ही दंग रह जाते हैं और सिद्धबाबा के प्रकोप से भयभीत हो जाते हैं, मूर्ति से खून निकलते देख राजू भाग जाता है। श्रद्धालु उसे पकड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन नहीं पकड़ पाते।
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इस दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर शिव नारायण सिंह रावत ‘शिब्बू’, मुख्य कैमरा मैन श्रवणन, सहायक कैमरा मैन मनीष मिश्रा, सुधीर, अश्विन मिश्रा, पनीष मांडे, रफीक अहमद, निर्देशक टीम में भारती, नरेश, नजीर आदि मौजूद थे।
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