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Pauri News: उपजिला चिकित्सालय में आए स्क्रब टाइफस के मामले
Thu, 01 Oct 2026 07:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 01 Oct 2026 07:13 PM IST
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फोटो
चमोली-रुद्रप्रयाग के दूरस्थ गांवों से भी उपचार के लिए पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। उपजिला चिकित्सालय श्रीनगर में इन दिनों स्क्रब टाइफस के मरीज बढ़े हैं। प्रतिदिन औसतन दो से तीन मरीज स्क्रब टाइफस के पहुंच रहे हैं। इनमें श्रीनगर के साथ ही चमोली और रुद्रप्रयाग के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार जुलाई से नवंबर के बीच स्क्रब टाइफस के मामले अधिक सामने आते हैं।
उपजिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सौरभ समदर ने बताया कि मानसून और उसके बाद स्क्रब टाइफस के मामले बढ़ते हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब दो से तीन मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि स्क्रब टाइफस लेप्टोट्रोम्बिडियम नामक सूक्ष्म माइट (चिगर) के काटने से फैलता है। खेतों, झाड़ियों और जंगलों में जाने वाले लोगों के साथ पशुपालकों और किसानों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, खांसी और पेट संबंधी परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में बीमारी अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। डॉ. समदर ने लोगों को खेतों और जंगलों में जाते समय पूरी बाजू के कपड़े और जूते पहनने की सलाह दी। कहा कि तेज बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर देरी न करते हुए चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।
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चमोली-रुद्रप्रयाग के दूरस्थ गांवों से भी उपचार के लिए पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। उपजिला चिकित्सालय श्रीनगर में इन दिनों स्क्रब टाइफस के मरीज बढ़े हैं। प्रतिदिन औसतन दो से तीन मरीज स्क्रब टाइफस के पहुंच रहे हैं। इनमें श्रीनगर के साथ ही चमोली और रुद्रप्रयाग के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार जुलाई से नवंबर के बीच स्क्रब टाइफस के मामले अधिक सामने आते हैं।
उपजिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सौरभ समदर ने बताया कि मानसून और उसके बाद स्क्रब टाइफस के मामले बढ़ते हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब दो से तीन मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि स्क्रब टाइफस लेप्टोट्रोम्बिडियम नामक सूक्ष्म माइट (चिगर) के काटने से फैलता है। खेतों, झाड़ियों और जंगलों में जाने वाले लोगों के साथ पशुपालकों और किसानों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, खांसी और पेट संबंधी परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में बीमारी अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। डॉ. समदर ने लोगों को खेतों और जंगलों में जाते समय पूरी बाजू के कपड़े और जूते पहनने की सलाह दी। कहा कि तेज बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर देरी न करते हुए चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।
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