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रोपवे बने, तो संवरे शहर का रूप
पौड़ी
Updated Fri, 30 Oct 2015 10:03 PM IST
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रोपवे बनाने से पर्यटन नगरी पौड़ी को नयी पहचान मिल सकती है। शहर में लोग पिछले ढाई दशक से रोपवे बनाने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को न तो पहले यूपी शासन की ओर से गंभीरता से लिया गया और न ही अब राज्य सरकार इसे कोई तवज्जो दे रही है।
कुदरती खूबसूरती से भरपूर पौड़ी में पर्यटन उद्यम की काफी संभावनाएं हैं। नब्बे के दर्शक में इसे पर्यटन नगरी भी घोषित किया जा चुका है। शहर से लंबी रेंज में झलकती हिमालय की पर्वत शृंखलाएं लोगों को यहां आने के लिए आकर्षित करती हैं, लेकिन पर्यटकों के लिए यहां संसाधनों का अभाव है। शहर को अभी तक ऐसी कोई नयी पहचान नहीं मिल पाई है जिससे पर्यटकों का रुझान यहां की तरफ बढ़ सके।
पूर्व पालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह नेगी कहते हैं बस स्टेशन या कलक्ट्रेट परिसर से कंडोलिया तक रोपवे निर्माण के लिए यूपी शासन काल के दौरान कई बार प्रायोगिक सर्वेक्षण भी किया गया। इसके बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। उत्तराखंड बनने के बाद इस दिशा में कार्रवाई होने की उम्मीदें थीं, लेकिन राज्य बनने के बाद भी शासन स्तर से इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
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व्यापार संघ अध्यक्ष देवेंद्र रावत, व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत समेत कई लोग कहते हैं कि शहर में बस स्टेशन से कंडोलिया तक रोपवे का निर्माण होने से इस शहर को नयी पहचान मिल सकती है। पर्यटकों का रुझान पौड़ी शहर की तरफ बढ़ाने में यह मददगार भी हो सकता है। इसके महत्व को देखते हुए इस मांग को फिर प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
-रोपवे बनाने से पौड़ी शहर को नयी पहचान मिल सकती है। इस मांग को मैं काफी पहले से प्रमुखता से उठा भी रहा हूं। 18 अगस्त को सीएम हरीश रावत के पौड़ी आगमन पर शहर में रोपवे लगाने, ल्वाली में झील निर्माण का कार्य शुरू कराने समेत कई मांगों को उनके समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। पूरी उम्मीद है कि सीएम हरीश रावत की ओर से इन्हें स्वीकृत किया जाएगा।
-यशपाल बेनाम अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पौड़ी
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कुदरती खूबसूरती से भरपूर पौड़ी में पर्यटन उद्यम की काफी संभावनाएं हैं। नब्बे के दर्शक में इसे पर्यटन नगरी भी घोषित किया जा चुका है। शहर से लंबी रेंज में झलकती हिमालय की पर्वत शृंखलाएं लोगों को यहां आने के लिए आकर्षित करती हैं, लेकिन पर्यटकों के लिए यहां संसाधनों का अभाव है। शहर को अभी तक ऐसी कोई नयी पहचान नहीं मिल पाई है जिससे पर्यटकों का रुझान यहां की तरफ बढ़ सके।
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पूर्व पालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह नेगी कहते हैं बस स्टेशन या कलक्ट्रेट परिसर से कंडोलिया तक रोपवे निर्माण के लिए यूपी शासन काल के दौरान कई बार प्रायोगिक सर्वेक्षण भी किया गया। इसके बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। उत्तराखंड बनने के बाद इस दिशा में कार्रवाई होने की उम्मीदें थीं, लेकिन राज्य बनने के बाद भी शासन स्तर से इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
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व्यापार संघ अध्यक्ष देवेंद्र रावत, व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत समेत कई लोग कहते हैं कि शहर में बस स्टेशन से कंडोलिया तक रोपवे का निर्माण होने से इस शहर को नयी पहचान मिल सकती है। पर्यटकों का रुझान पौड़ी शहर की तरफ बढ़ाने में यह मददगार भी हो सकता है। इसके महत्व को देखते हुए इस मांग को फिर प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
-रोपवे बनाने से पौड़ी शहर को नयी पहचान मिल सकती है। इस मांग को मैं काफी पहले से प्रमुखता से उठा भी रहा हूं। 18 अगस्त को सीएम हरीश रावत के पौड़ी आगमन पर शहर में रोपवे लगाने, ल्वाली में झील निर्माण का कार्य शुरू कराने समेत कई मांगों को उनके समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। पूरी उम्मीद है कि सीएम हरीश रावत की ओर से इन्हें स्वीकृत किया जाएगा।
-यशपाल बेनाम अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पौड़ी