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खेती व बागवानी के लिए वरदान साबित होगी यह बारिश
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सोमवार को जिलेभर में सर्दियों की पहली बारिश हुई। जिसे खेती व बागवानी के लिए वरदान बताया जा रहा है। जिलेभर में हुई पांच घंटे की बारिश से विशेषज्ञों व कृषकों के चेहरे खिल गए हैं। इस बारिश को जहां खड़ी फसल को फायदेमंद बताया जा रहा है, वहीं आने वाले फलों के लिए भी इसे बहुत ही लाभकारी बताया जा रहा है।
जनपद पौड़ी में करीब 27 हजार हेक्टेअर कृषि भूमि में खेती की जा रही है। सोमवार को तड़के सर्दियों की बारिश शुरू हुई, जो सुबह करीब नौ बजे तक जारी रही। सर्दियों की पहली बारिश के बाद जिलेभर में किसानों व विशेषज्ञों के चेहरों पर मुस्कान तैर रही है। मुख्य कृषि अधिकारी पौड़ी देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि करीब दो-ढाई महीने से जिले में कोई बारिश नहीं हुई है, जिससे जमीन में नमी की कमी हैं। डीएचओ डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिलेभर में हुई बारिश से खड़ी व आने वाले फलों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होगी। उ
उधर, उत्तरकाशी में सुक्खी गांव निवासी मोहन सिंह राणा, हर्षिल के डा. नागेंद्र सिंह, धराली निवासी जयभगवान पंवार, मौंडा गांव के प्रधान खजान सिंह आदि ने बताया कि सूखे के हालात में सेब के पेड़ों की कटाई छंटाई और थौले बनाने का काम प्रभावित हो रहा था। इससे सेब के पेड़ों पर रोग लगने का खतरा पैदा हो गया था। अब बर्फबारी से नमी मिलने पर काम आसान हो जाएगा। साथ ही सेब की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता भी पूरी हो जाएगी।
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वहीं, जोशीमठ में काश्तकार कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को उन्हें काफी राहत मिली। सेब काश्तकार राजेश रावत, प्रताप भंडारी आदि का कहना है कि यदि समय पर क्षेत्र में बर्फबारी होती है, तो आने वाले सीजन में पैदावार अच्छी हो सकती है। वहीं उद्यान निरीक्षक सोमेश भंडारी का कहना है कि दिसंबर में यदि क्षेत्र में बर्फबारी होती है तो सेब के पेड़ कीड़े सहित कई रोगों से मुक्त होंगे।
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जनपद पौड़ी में करीब 27 हजार हेक्टेअर कृषि भूमि में खेती की जा रही है। सोमवार को तड़के सर्दियों की बारिश शुरू हुई, जो सुबह करीब नौ बजे तक जारी रही। सर्दियों की पहली बारिश के बाद जिलेभर में किसानों व विशेषज्ञों के चेहरों पर मुस्कान तैर रही है। मुख्य कृषि अधिकारी पौड़ी देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि करीब दो-ढाई महीने से जिले में कोई बारिश नहीं हुई है, जिससे जमीन में नमी की कमी हैं। डीएचओ डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिलेभर में हुई बारिश से खड़ी व आने वाले फलों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होगी। उ
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उधर, उत्तरकाशी में सुक्खी गांव निवासी मोहन सिंह राणा, हर्षिल के डा. नागेंद्र सिंह, धराली निवासी जयभगवान पंवार, मौंडा गांव के प्रधान खजान सिंह आदि ने बताया कि सूखे के हालात में सेब के पेड़ों की कटाई छंटाई और थौले बनाने का काम प्रभावित हो रहा था। इससे सेब के पेड़ों पर रोग लगने का खतरा पैदा हो गया था। अब बर्फबारी से नमी मिलने पर काम आसान हो जाएगा। साथ ही सेब की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता भी पूरी हो जाएगी।
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वहीं, जोशीमठ में काश्तकार कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को उन्हें काफी राहत मिली। सेब काश्तकार राजेश रावत, प्रताप भंडारी आदि का कहना है कि यदि समय पर क्षेत्र में बर्फबारी होती है, तो आने वाले सीजन में पैदावार अच्छी हो सकती है। वहीं उद्यान निरीक्षक सोमेश भंडारी का कहना है कि दिसंबर में यदि क्षेत्र में बर्फबारी होती है तो सेब के पेड़ कीड़े सहित कई रोगों से मुक्त होंगे।