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गढ़वाल विवि में एनसीसी को पाठ्यक्रम के तौर पर पढ़ाने की तैयारी

Sun, 11 Jul 2021 07:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 07:30 PM IST
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Preparation to teach NCC as a course in Garhwal University
एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय में एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) को ऐच्छिक विषय के रूप शुरू करने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। विवि के एनईपी 2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के संयोजक प्रो. अनूप डोबरियाल की अगुवाई में कमेटी को पाठ्यक्रम तैयार करने और अन्य जरूरतों की रिपोर्ट देने को कहा गया है। कमेटी में विवि के एनसीसी अधिकारियों समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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नई शिक्षा नीति-2020 के अनुसार च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं को एनसीसी ऐच्छिक विषय के रूप में पढ़ने की मंजूरी दी गई है। इसी के तहत गढ़वाल विवि में भी आगामी शिक्षण सत्र से एनसीसी पाठ्यक्रम के तौर पर पढ़ाई जाएगी।
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गौरतलब है कि पूर्व में विवि और महाविद्यालयों में एनसीसी अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधि के तौर पर उपलब्ध होती थी। सीमित संख्या में चुनिंदा संस्थानों में छात्र-छात्राओं को एनसीसी की सुविधा मिल पाती थी। साथ ही पाठ्यक्रम में न होने की वजह से छात्रों को अंकों में फायदा नहीं होता था। अब छात्र स्नातक स्तर के विषयों के साथ ऐच्छिक विषय के रूप में एनसीसी का चयन कर सकेंगे। छात्राओं को इसके अंक (क्रेडिट) भी मिलेंगे। गत मई माह में एनसीसी निदेशालय की ओर से इस संबंध में गढ़वाल विवि को पत्र भेजा गया था। विवि की विद्या परिषद ने इसे मंजूर करते हुए कमेटी गठित कर निदेशालय की रिपोर्ट व पाठ्यक्रम का अध्ययन कर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में विवि के कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी ने एनईपी-2020 के संयोजक प्रो. अनूप डोबरियाल को अग्रिम कार्रवाई करने को कहा है।
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प्रो. डोबरियाल ने बताया कि विवि को 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम संशोधित करने का अधिकार है। स्थानीय जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है। कमेटी यह देख रही है कि यदि एनसीसी की नियमित कक्षाएं चलती हैं, तो कितने शिक्षकों और किन संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। पूरी रिपोर्ट का अध्ययन कर प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।
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