विकासखंड कीर्तिनगर के प्रधान संगठन की बैठक में प्रधानों ने कीर्तिनगर व चौरास क्षेत्र को प्रस्तावित महा नगरपालिका में मिलाए जाने का कड़ा विरोध किया है। इसके प्रधानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान न होने को लेकर रोष जताते हुए एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
सोमवार को ब्लाक सभागार में प्रधान संगठन के अध्यक्ष जवाहर सिंह पंवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रधानों ने आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि कार्यकाल के नौ माह बाद भी अभी तक वित्त के बैंक खाते बंद पड़े है। आज तक इन खातों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। ब्लाक की ओर से कुछ प्रधानों को डोंगल सौंपे गए है, लेकिन वह भी काम नहीं कर रहे है। इससे विकास कार्य ठप पड़े है। प्रधानों ने जल जीवन मिशन के कार्यों को ठेकेदारों से करवाए जाने का विरोध किया है। कहा कि गांव में सभी विभागों की ओर से करवाए जा रहे निर्माण कार्यों को ग्राम पंचायत के माध्यम से ही करवाया जाय। संगठन ने मनरेगा में रोजगार के दिनों की संख्या 200 किए जाने और प्रधानों को पांच हजार मानदेय दिए जाने की मांग की है। इसके अलावा मनरेगा के कार्यों में सामग्री की आपूर्ति के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया का भी घोर विरोध किया है। प्रधानों ने कीर्तिेनगर और चौरास क्षेत्र को श्रीनगर नगर पालिका में मिलाए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। कहा कि सरकार की इस पहल से क्षेत्रवासियों की समस्याएं और अधिक बढ़ जाएंगी। मांगे पूरी नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर प्रधान संगठन के संरक्षक वासुदेव भट्ट, पुरुषोत्तम उनियाल, सुनील कुमार, विरेंद्र बंगवाल, सतीशचंद्र सेमवाल, अर्जुन सिंह रावत, नरेंद्र सिंह मेहरा, सुनय कुकशाल, संजय देव डंगवाल, आशा देवी, रीना, कुसुम, निशा आदि मौजूद थे।