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चेक बाउंस मामले में दोषी को एक साल का कारावास

Fri, 14 Feb 2020 10:12 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 10:12 PM IST
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One year imprisonment for a convict in a check bounce case
न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में शिवालिक ट्रैवल्स हरिद्वार के मालिक तुषारनाथ को एक साल का कारावास और तीन लाख 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसमें 3 लाख 40 हजार रुपये परिवादी को मिलेंगे। जबकि 5 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।
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श्रीकोट निवासी उदयराज होटल एवं रेस्टोरेंट के स्वामी राजेंद्र बिष्ट ने चेक बाउंस होने पर न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। बिष्ट के अनुसार, तुषारनाथ यात्रियों को उसके होटल में ठहराता था। वर्ष 2013-14 में तुषार ने यह कह कर होटल में यात्रियों को ठहराया कि वह बाद में एकमुश्त भुगतान कर देगा। इस अवधि में यात्रियों को ठहराने व खाने का बिल 2 लाख 28 हजार रुपये हुआ। काफी समय बीतने के बाद तुषार ने भुगतान नहीं किया। बार-बार अनुरोध के बाद तुषार ने उसको 20 जुलाई 2014 की तिथि का चेक दे दिया। जब उसने चेक को एसबीआई श्रीकोट शाखा में जमा किया, तो बैंक खाता बंद होने की बात सामने आई। इसके बाद उसने वकील के माध्यम से नोटिस भिजवाया, लेकिन तुषार ने नोटिस लेने से मना कर दिया। इसके बाद राजेंद्र ने चेक से दोगुनी धनराशि और सजा दिलवाने के लिए न्यायालय में परिवाद दाखिल किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने आरोपी को चेक बाउंस का दोषी मानते हुए एक साल का कारावास और 3 लाख 45 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। राजेंद्र की ओर से अधिवक्ता परमेश जोशी ने बहस की।
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