{"_id":"63694225573c8a1c1d2e82a6","slug":"neurology-opd-started-after-11-years-in-medical-college-shrinagar-news-drn427540882","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज में 11 साल बाद न्यूरोलॉजी की ओपीडी शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज में 11 साल बाद न्यूरोलॉजी की ओपीडी शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल में लगभग 11 साल बाद नियमित तौर पर न्यूरोलॉजी की ओपीडी (वाह्य रोगी विभाग) शुरू हो गई है। वरिष्ठ न्यूरो सर्जन प्रो. राधे श्याम ने न्यूरोलॉजी विभाग में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। न्यूरोलॉजी की ओपीडी संचालित होने से नसों व मस्तिष्क संबंधी समस्या और सिर की चोट का उपचार हो सकेगा।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 तक न्यूरो सर्जन तैनात थे। उनके चले जाने के बाद यहां कोई न्यूरोलॉजिस्ट/न्यूरो सर्जन नहीं आए। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इसी साल अप्रैल से मैक्स हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट बिग्रेडियर (सेनि) डॉ. एचसी पाठक की माह में एक दिन ओपीडी शुरू की गई लेकिन वह कुछ समय बाद नहीं आ पाए।
कुछ माह पूर्व मेडिकल कॉलेज की ओर से संविदा में नियुक्ति हेतु साक्षात्कार लिए गए थे। इसमें एम्स ऋषिकेश में सेवा दे चुके न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राधेश्याम का चयन हुआ था लेकिन व्यक्तिगत कारणों से वे ज्वाइनिंग देने के बावजूद ओपीडी में नहीं बैठ पाए।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के पीआरओ अरुण बडोनी ने बताया कि प्रो. राधेश्याम की ओपीडी शुरू हो गई है। न्यूरोसर्जन के सेवाएं देने से अस्पताल की सुविधाओं में सुधार होगा। प्रो. राधेश्याम इससे पूर्व जयपुर, चंडीगढ़ और ऋषिकेश में सेवाएं दे चुके हैं।
यहां बता दे कि अकसर दुर्घटना में घायल लोगों को न्यूरोसर्जन न होने के अभाव में रेफर करना पड़ता था। मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे में न्यूरोसर्जन सीटी रिपोर्ट के आधार पर घायल व्यक्तियों या मरीजों का इलाज कर सकते हैं।
विज्ञापन
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 तक न्यूरो सर्जन तैनात थे। उनके चले जाने के बाद यहां कोई न्यूरोलॉजिस्ट/न्यूरो सर्जन नहीं आए। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इसी साल अप्रैल से मैक्स हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट बिग्रेडियर (सेनि) डॉ. एचसी पाठक की माह में एक दिन ओपीडी शुरू की गई लेकिन वह कुछ समय बाद नहीं आ पाए।
विज्ञापन
कुछ माह पूर्व मेडिकल कॉलेज की ओर से संविदा में नियुक्ति हेतु साक्षात्कार लिए गए थे। इसमें एम्स ऋषिकेश में सेवा दे चुके न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राधेश्याम का चयन हुआ था लेकिन व्यक्तिगत कारणों से वे ज्वाइनिंग देने के बावजूद ओपीडी में नहीं बैठ पाए।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के पीआरओ अरुण बडोनी ने बताया कि प्रो. राधेश्याम की ओपीडी शुरू हो गई है। न्यूरोसर्जन के सेवाएं देने से अस्पताल की सुविधाओं में सुधार होगा। प्रो. राधेश्याम इससे पूर्व जयपुर, चंडीगढ़ और ऋषिकेश में सेवाएं दे चुके हैं।
यहां बता दे कि अकसर दुर्घटना में घायल लोगों को न्यूरोसर्जन न होने के अभाव में रेफर करना पड़ता था। मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे में न्यूरोसर्जन सीटी रिपोर्ट के आधार पर घायल व्यक्तियों या मरीजों का इलाज कर सकते हैं।