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नायब तहसीलदार पौड़ी को सेवानिवृत्ति के चार माह बाद भी नहीं हुआ देयकों का भुगतान
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तहसील पौड़ी से सेवानिवृत्त तहसीलदार को चार माह बाद भी उनके देयकों का भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने मामले की शिकायत मुख्य सचिव उत्तराखंड से की है। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन ने मेरे देयकों का भुगतान चार माह बाद भी नहीं किया है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
तहसील पौड़ी में सेवारत नायब तहसीलदार सब्बल सिंह कठैत बीते 28 फरवरी 2022 को सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन तहसील पौड़ी से अभी तक उनके देयकों का भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने मामले की शिकायत तहसील प्रशासन से की, जिस पर तहसीलदार ने पटल सहायक का स्पष्टीकरण भी मांगा है। सेवानिवृत्त एनटी कठैत ने बताया कि मामले में सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत दर्ज की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जीपीएफ, बीमा, दस माह की छुट्टी, ग्रेज्युटी सहित अन्य देयकों की 45 लाख की धनराशि मुझे मिलनी थी, जिस पर एक माह का ब्याज ही 22 हजार रुपये होता है। वह अभी तक नहीं मिली। बताया कि मेरे बेटे की शादी 20 व 21 जून को तय की गई थी, धनराशि न मिलने से बेटे की शादी स्थगित करनी पड़ी। वहीं प्रभारी एसडीएम अजयवीर सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आज ही आया है। जबकि विगत 50 दिनों से तहसील पौड़ी का प्रभार संभाल रहा हूं। उन्होंने कहा कि मामले का जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
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तहसील पौड़ी में सेवारत नायब तहसीलदार सब्बल सिंह कठैत बीते 28 फरवरी 2022 को सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन तहसील पौड़ी से अभी तक उनके देयकों का भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने मामले की शिकायत तहसील प्रशासन से की, जिस पर तहसीलदार ने पटल सहायक का स्पष्टीकरण भी मांगा है। सेवानिवृत्त एनटी कठैत ने बताया कि मामले में सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत दर्ज की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जीपीएफ, बीमा, दस माह की छुट्टी, ग्रेज्युटी सहित अन्य देयकों की 45 लाख की धनराशि मुझे मिलनी थी, जिस पर एक माह का ब्याज ही 22 हजार रुपये होता है। वह अभी तक नहीं मिली। बताया कि मेरे बेटे की शादी 20 व 21 जून को तय की गई थी, धनराशि न मिलने से बेटे की शादी स्थगित करनी पड़ी। वहीं प्रभारी एसडीएम अजयवीर सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आज ही आया है। जबकि विगत 50 दिनों से तहसील पौड़ी का प्रभार संभाल रहा हूं। उन्होंने कहा कि मामले का जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
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