{"_id":"606c9b0d8ebc3ed5153517dc","slug":"mi-17-engaged-in-extinguishing-forest-fires-shrinagar-news-drn375805663","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंगलों की आग बुझाने में लगा एमआई-17","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगलों की आग बुझाने में लगा एमआई-17
विज्ञापन
जीवीके डीएसबी टैंक से पानी भरता वायुसेना का हैलीकॉप्टर
- फोटो : SHRINAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने पौड़ी और टिहरी जिले के तीन क्षेत्रों में आग पर काबू पाने के लिए पानी का छिड़काव किया। हेलीकॉप्टर से लगभग आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रिंगोली गांव के ऊपर भी पानी छिड़का गया। चार फेरो में हेलीकॉप्टर ने बांबी बैकेट से लगभग दस हजार लीटर पानी प्रभावित क्षेत्रों में फेंका। बुधवार को भी वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों में पुन: अभियान चलाया जाएगा।
मंगलवार सुबह लगभग पौने 10 बजे सरसावा से आया वायु सेना का हेलीकॉप्टर जीवीके हेलीपैड कोटेश्वर (श्रीनगर) में उतरा। इससे पूर्व हेलीकॉप्टर के पायलट ने श्रीनगर जल विद्युत परियोजना झील और परियोजना डीएसबी (डी-सिल्ट बेसिन) से पानी भरने के लिए जायजा लिया। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) गढ़वाल सुशांत पटनायक और वन संरक्षक गढ़वाल एनएन पांडेय ने पायलट को वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टिहरी जिले के कीर्तिनगर रेंज के रिंगोली व धारकोट और पौड़ी जिले के खिर्सू, पोखड़ा व दमदेवल क्षेत्रों में आग फैली हैं। इसके बाद हेलीकॉप्टर ने जल विद्युत परियोजना की डीएसबी से पानी भरा। हेलीकॉप्टर ने पहले फेरे में खिर्सू क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया। इसके बाद तीन फेरों में धारकोट एवं रिंगोली में पानी का छिड़काव किया। लगभग डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन के बाद सीसीएफ पटनायक ने बताया कि बुधवार को पुन: अभियान चलेगा। इ
पांच साल पूर्व भी ली गई थी वायुसेना की मदद
श्रीनगर। मई 2016 में भीषण आग लगने पर वायुसेना की मदद ली गई थी। उस दौरान भी पौड़ी जिले के रिजर्व फॉरेस्ट बुरी तरह से जले थे। इस बार भी पौड़ी जिले का नागदेव रेंज खिर्सू में पौड़ी व रुद्रप्रयाग जिले की सीमा में आग फैली हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार सुबह लगभग पौने 10 बजे सरसावा से आया वायु सेना का हेलीकॉप्टर जीवीके हेलीपैड कोटेश्वर (श्रीनगर) में उतरा। इससे पूर्व हेलीकॉप्टर के पायलट ने श्रीनगर जल विद्युत परियोजना झील और परियोजना डीएसबी (डी-सिल्ट बेसिन) से पानी भरने के लिए जायजा लिया। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) गढ़वाल सुशांत पटनायक और वन संरक्षक गढ़वाल एनएन पांडेय ने पायलट को वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टिहरी जिले के कीर्तिनगर रेंज के रिंगोली व धारकोट और पौड़ी जिले के खिर्सू, पोखड़ा व दमदेवल क्षेत्रों में आग फैली हैं। इसके बाद हेलीकॉप्टर ने जल विद्युत परियोजना की डीएसबी से पानी भरा। हेलीकॉप्टर ने पहले फेरे में खिर्सू क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया। इसके बाद तीन फेरों में धारकोट एवं रिंगोली में पानी का छिड़काव किया। लगभग डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन के बाद सीसीएफ पटनायक ने बताया कि बुधवार को पुन: अभियान चलेगा। इ
विज्ञापन
पांच साल पूर्व भी ली गई थी वायुसेना की मदद
श्रीनगर। मई 2016 में भीषण आग लगने पर वायुसेना की मदद ली गई थी। उस दौरान भी पौड़ी जिले के रिजर्व फॉरेस्ट बुरी तरह से जले थे। इस बार भी पौड़ी जिले का नागदेव रेंज खिर्सू में पौड़ी व रुद्रप्रयाग जिले की सीमा में आग फैली हुई है।
विज्ञापन