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ओडीएफ नगर देवप्रयाग के शौचालयों में लटके ताले
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देवप्रयाग बस स्टेशन पर बने सामुदायिक शौचालय इस तरह से है बंद पड़े
- फोटो : SHRINAGAR
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ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) घोषित हो चुके देवप्रयाग में शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। यहां दो शौचालय बंद कर दिए गए हैं। वहीं एक की स्थिति खराब है जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है।
अलकनंदा-मंदाकिनी (गंगा) के संगम स्थल पर बसे देवप्रयाग में सार्वजनिक शौचालयों के बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोग परेशानी में हैं। बदरी-केदार यात्रा मार्ग प्रमुख पड़ाव देवप्रयाग में संगम के साथ ही प्राचीन मंदिर हैं। यात्री यहां गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा देवप्रयाग पौड़ी और टिहरी जिले के दर्जनों गांवों का बाजार भी है। बस स्टेशन पर ज्यादातर दुकानें कच्ची होने के कारण इन्हीं शौचालयों का प्रयोग करते आ रहे हैं। नगर पहले ही ओडीएफ घोषित हो चुका है। खुले में शौच करने पर नगर पालिका जुर्माना वसूलती है। वहीं, दूसरी ओर शौचालयों में ताले लगा दिए गए हैं। व्यापारी विनोद टोडरिया का कहना है कि बस स्टेशन पर शौचालय बंद होने की वजह से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई बार लोगों को सिर्फ शौच की वजह से होटल में कमरा किराए पर लेना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश ध्यानी का कहना है करीब 7 वर्षों से संगम बाजार स्थित एकमात्र शौचालय जीर्णशीर्ण हालात में है। इसके कारण बाजार में बदबू फैली रहती है। रविंद्र कुमार का कहना है कि बस स्टेशन पर बना एक शौचालय एक साल से बंद है। दूसरे को 10 दिन पूर्व बंद कर दिया गया है।
कोट :
शौचालय बंद होने पर संबंधित संस्था सुलभ इंटरनेशनल को नोटिस भेजा गया है। इसकी सूचना जिलाधिकारी समेत पर्यटन विभाग को भेज दी गई है।-बीएस बिष्ट, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवप्रयाग
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अलकनंदा-मंदाकिनी (गंगा) के संगम स्थल पर बसे देवप्रयाग में सार्वजनिक शौचालयों के बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोग परेशानी में हैं। बदरी-केदार यात्रा मार्ग प्रमुख पड़ाव देवप्रयाग में संगम के साथ ही प्राचीन मंदिर हैं। यात्री यहां गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा देवप्रयाग पौड़ी और टिहरी जिले के दर्जनों गांवों का बाजार भी है। बस स्टेशन पर ज्यादातर दुकानें कच्ची होने के कारण इन्हीं शौचालयों का प्रयोग करते आ रहे हैं। नगर पहले ही ओडीएफ घोषित हो चुका है। खुले में शौच करने पर नगर पालिका जुर्माना वसूलती है। वहीं, दूसरी ओर शौचालयों में ताले लगा दिए गए हैं। व्यापारी विनोद टोडरिया का कहना है कि बस स्टेशन पर शौचालय बंद होने की वजह से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई बार लोगों को सिर्फ शौच की वजह से होटल में कमरा किराए पर लेना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश ध्यानी का कहना है करीब 7 वर्षों से संगम बाजार स्थित एकमात्र शौचालय जीर्णशीर्ण हालात में है। इसके कारण बाजार में बदबू फैली रहती है। रविंद्र कुमार का कहना है कि बस स्टेशन पर बना एक शौचालय एक साल से बंद है। दूसरे को 10 दिन पूर्व बंद कर दिया गया है।
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कोट :
शौचालय बंद होने पर संबंधित संस्था सुलभ इंटरनेशनल को नोटिस भेजा गया है। इसकी सूचना जिलाधिकारी समेत पर्यटन विभाग को भेज दी गई है।-बीएस बिष्ट, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवप्रयाग
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