जिला मुख्यालय में शुक्रवार को नामांकन के आखिरी दिन कोविड नियम मजाक बनकर रह गए। निर्वाचन विभाग के सारे नियम ताक पर रखकर नामांकन के लिए पहुंचे नेताओं के समर्थक रैली के रूप में आए और जिलाधिकारी परिसर में नारेबाजी करते रहे। इस दौरान भारी भीड़ रही और निर्वाचन विभाग, प्रशासन व पुलिस कुछ नहीं कर सकी।
शुक्रवार को मुख्यालय में नामांकन के आखिरी दिन राजनीतिक दलों के नेता व समर्थकों की भीड़ उमड़ी। बस अड्डा पौड़ी से धारा रोड होते हुए नेता व समर्थक रैली निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर पहुंचे, जबकि कोविड महामारी को देखते हुए 31 जनवरी तक किसी तरह की रैली और भीड़ एकत्र करने पर प्रतिबंध है। नामांकन के लिए प्रत्याशी के साथ सिर्फ दो प्रस्तावक को ही आने की अनुमति है, लेकिन शुक्रवार को ये सभी नियम ताक पर रख दिए गए। सत्ताधारी भाजपा हो या कांग्रेस, यूकेडी, आप हो या निर्दलीय प्रत्येक नेता के साथ समर्थकों की भारी भीड़ उमड़कर आई। इस दौरान अधिकतर ने मास्क नहीं पहना हुआ था साथ ही शारीरिक व सामाजिक दूूरी का कोई पालन भी नहीं हो रहा था। वहीं दोपहर में श्रीनगर रोड पर कई बार जाम की स्थिति बनी रही, जिससे हाईवे पर पैदल राहगीरों को परेशानियों से भी जूझना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता नमन चंदोला ने कहा कि विधानसभा चुनाव कोरोना महामारी के बीच संपन्न हो रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दल, उनके नेता व समर्थकों ने मुख्यालय में खुलकर कोविड नियमों की धज्जियां उड़ा कर लोगों के जीवन को खतरे में डालने का काम किया है।