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मरीजों की जान बचाने के तरीके बताए
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षा इकाई (एमईयू) की ओर से मरीज सुरक्षा पर सीएमई (सतत चिकित्सा शिक्षा) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को अस्पताल में आने वाले मरीज की जान बचाने के तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही मरीज सुरक्षा की शपथ ली गई।
मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल के लेक्चर हॉल में कार्यशाला का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत और बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केपी सिंह ने किया। प्रो. रावत ने कहा कि मरीज सुरक्षा, प्रसव सुरक्षा, नवजात सुरक्षा, औषधीय सुरक्षा, रेडिएशन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा सहित अन्य बिंदु मरीजों से जुड़े हैं। अस्पताल में आने वाले मरीज का बेहतर उपचार, उसकी समस्या को सुनना और उसकी शंकाओं का समाधान करना ही सुरक्षा है। बेहतर चिकित्सक के लिए जरूरी है कि वह मरीज का इलाज करने के साथ ही उसे मानसिक रूप से भी संतुष्ट करे।
कार्यशाला में प्रो. व्यास कुमार राठौड़, डॉ. एएन पांडेय, डा. नेहा, प्रो. आरएस बिष्ट, प्रो. किंग्सुक लोहान, प्रो. दौलत सिंह, प्रो. अजय विक्रम, प्रो. दीपा हटवाल, डॉ. मनीष जैन, डॉ. याशिक बंसल, डॉ. पूजा, डॉ. जय कुमार व डॉ. मुकेश शुक्ला आदि ने विभिन्न विषयों से जुड़ी जानकारियां दी। कार्यशाला में संकाय सदस्य, रेजीडेंट डॉक्टर, इंटर्न, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, सुरक्षा कर्मियों समेत सफाई, पेयजल व विद्युत से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों ने प्रशिक्षण लिया।
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मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल के लेक्चर हॉल में कार्यशाला का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत और बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केपी सिंह ने किया। प्रो. रावत ने कहा कि मरीज सुरक्षा, प्रसव सुरक्षा, नवजात सुरक्षा, औषधीय सुरक्षा, रेडिएशन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा सहित अन्य बिंदु मरीजों से जुड़े हैं। अस्पताल में आने वाले मरीज का बेहतर उपचार, उसकी समस्या को सुनना और उसकी शंकाओं का समाधान करना ही सुरक्षा है। बेहतर चिकित्सक के लिए जरूरी है कि वह मरीज का इलाज करने के साथ ही उसे मानसिक रूप से भी संतुष्ट करे।
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कार्यशाला में प्रो. व्यास कुमार राठौड़, डॉ. एएन पांडेय, डा. नेहा, प्रो. आरएस बिष्ट, प्रो. किंग्सुक लोहान, प्रो. दौलत सिंह, प्रो. अजय विक्रम, प्रो. दीपा हटवाल, डॉ. मनीष जैन, डॉ. याशिक बंसल, डॉ. पूजा, डॉ. जय कुमार व डॉ. मुकेश शुक्ला आदि ने विभिन्न विषयों से जुड़ी जानकारियां दी। कार्यशाला में संकाय सदस्य, रेजीडेंट डॉक्टर, इंटर्न, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, सुरक्षा कर्मियों समेत सफाई, पेयजल व विद्युत से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों ने प्रशिक्षण लिया।
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